लखनऊ: उत्तर प्रदेश में लखनऊ सहित सभी जिलों में सोमवार से बैंक कर्मचारी हड़ताल पर हैं। राजधानी में इसका खासा असर देखने को मिला, जहां विभिन्न राष्ट्रीयकृत बैंकों के कर्मचारियों ने सड़कों पर उतरकर केंद्र सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के बैनर तले हुए इस विरोध प्रदर्शन में बैंकिंग व्यवस्था में सुधार और पांच दिवसीय कार्य प्रणाली लागू करने की मांग प्रमुख रही।
लखनऊ के हजरतगंज स्थित इंडियन बैंक की मुख्य शाखा के बाहर बैंक कर्मियों ने प्रदर्शन किया। इस दौरान कर्मचारियों ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारे लगाए और अपनी मांगों को दोहराया। प्रदर्शन के दौरान “आवाज़ दो हम एक हैं” और “इस गूंगी-बहरी सरकार को एक झटका और दो” जैसे नारे गूंजते रहे।
पांच दिवसीय बैंकिंग प्रणाली की मांग
यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस से जुड़े कर्मचारियों का कहना है कि सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में सप्ताह में पांच दिन की बैंकिंग प्रणाली तत्काल प्रभाव से लागू की जानी चाहिए। उनका तर्क है कि मौजूदा व्यवस्था में कर्मचारियों पर अत्यधिक कार्य दबाव है, जिससे न सिर्फ उनकी सेहत प्रभावित हो रही है, बल्कि ग्राहकों को मिलने वाली सेवाओं की गुणवत्ता पर भी असर पड़ता है।
यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस ने देशभर में बैंक हड़ताल का ऐलान किया है, जिसका असर बैंकिंग कामकाज पर साफ तौर पर दिखने लगा है। लखनऊ समेत प्रदेश के कई जिलों में शाखाओं में लेन-देन और अन्य बैंकिंग सेवाएं प्रभावित रहीं, जिससे आम ग्राहकों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा।
27 जनवरी से बड़ा प्रदर्शन का हुआ था ऐलान
यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस की लखनऊ जिला इकाई के मीडिया प्रभारी अनिल तिवारी ने बताया कि पांच दिवसीय बैंकिंग प्रणाली लागू कराने की मांग को लेकर 27 जनवरी से देशव्यापी बैंक हड़ताल की जाएगी। इसी क्रम में लखनऊ में इंडियन बैंक, हजरतगंज में सुबह 11:30 बजे से सभा और विशाल प्रदर्शन हुआ। यूनियन ने स्पष्ट किया है कि मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा।