UP News: विधायकों के फोन नहीं उठाने वाले अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई होगी। विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय द्वारा सदन में इसका मुद्दा उठाए जाने के बाद यह व्यवस्था की है, जिसमें अधिकारियों को उत्तरदायी बनाया गया है। विधानसभा अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि कार्यपालिका द्वारा विधायिका एवं न्यायपालिका के क्षेत्राधिकार में हस्तक्षेप करने की सूचना संविधान के प्रावधानों के संदर्भ में होने के कारण इसे स्वीकारा गया है। विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि नियम 300 के अंतर्गत नेता प्रतिपक्ष की सूचना के बारे में चर्चा से परिलक्षित होता है कि अधिकारियों के स्तर पर विधायकों को सहयोग नहीं किया जा रहा है, जो चिंता का विषय है। संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना ने इस बाबत जारी शासनादेशों का पालन सुनिश्चित नहीं करने की बात कही, जो आपत्तिजनक है।
यह स्पष्ट करना भी उपयुक्त होगा कि संविधान के अनुच्छेद 164 (2) के अंतर्गत मंत्री परिषद राज्य की विधानसभा के प्रति सामूहिक रूप से उत्तरदायी होगी। विधानसभा के किसी सदस्य द्वारा यदि अधिकारियों से जनहित के कार्यों के लिए संपर्क किया जाता है तो वह सम्मान और समय दें तथा सुनवाई का अवसर प्रदान करें। विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था बिगड़ने से अराजकता होगी, जिसको आने वाले समय में संभालना मुश्किल होगा। सदस्यों से भी अपेक्षित है कि वह कार्यपालिका और न्यायपालिका की मर्यादा का सम्मान करें। जो राजनेता अगली पीढ़ी के लिए काम करते हैं, उन्हें हम स्टेट्समैन की संज्ञा देते हैं। हम जनता के कार्यों के लिए ही यहां जुटते हैं।