प्रयागराज: शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद पर यौन उत्पीड़न की एफआईआर कराने वाले आशुतोष ब्रह्मचारी पर रविवार (08 मार्च) को चलती ट्रेन में जानलेवा हमला हुआ। आशुतोष ने बताया कि रीवा एक्सप्रेस ट्रेन से गाजियाबाद से प्रयागराज जा रहा था। फर्स्ट AC कोच में बैठा था। रास्ते में सिराथू रेलवे स्टेशन के पास सुबह करीब 5 बजे एक अज्ञात हमलावर ने धारदार हथियार से उनकी नाक काटने की कोशिश की। चेहरे और हाथ पर कई वार किए। गंभीर चोटें आईं। काफी खून बहा।
आशुतोष ब्रह्मचारी के अनुसार, वह किसी तरह अपनी जान बचाकर भागे और ट्रेन के टॉयलेट में खुद को बंद कर लिया। वहीं से जीआरपी को फोन कर घटना की जानकारी दी। उन्होंने हमले के पीछे स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद, उनके शिष्य मुकुंदानंद समेत अन्य को जिम्मेदार ठहराया है। फिलहाल जीआरपी ने शिकायत के आधार पर एफआईआर दर्ज कर ली है। मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
जीआरपी को दी शिकायत में क्या कहा?
आशुतोष ब्रह्मचारी ने शिकायत में बताया कि पॉक्सो एक्ट में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और मुकुंदानंद के खिलाफ नाबालिक बटुक के यौन शोषण मामले में FIR करवाई थी। इस वजह से दोनों के साथ प्रकाश उपाध्याय और अरविंद ने मेरी नाक नाक काटने की योजना बनाई। इनके कहने पर दिनेश शर्मा निवासी धना गोवर्धा जिला मथुरा ने नाक काटने वाले को एक लाख रुपए देने का ऐलान किया।
उन्होंने बताया कि आज यानी 8 मार्च की सुबह 5 बजे ट्रेन जब, फतेहपुर और कौशांबी जिले के सिराथू रेलवे स्टेशन के बीच पहुंची तो एक आज्ञात व्यक्ति ने मुझ पर हमला कर दिया। हत्या करने का प्रयास किया। नाक, चेहरे और हाथ पर वार किए। मुझें गंभीर चोटें आई हैं। खून निकल रहा है। मैंने किसी तरह बाथरूम में घुसकर दरवाजा अंदर से बंद किया। जीआरपी कंट्रोल रूम को फोन किया। तब जाकर मेरी जान बच पाई।
आशुतोष महाराज बोले– अविमुक्तेश्वरानंद ने हमला करवाया
एफआईआर दर्ज करवाने के बाद आशुतोष महाराज सर्किट हाउस पहुंचे। यहां उन्होंने दैनिक भास्कर से बात की। कहा- वेस्ट यूपी संयोजक सुधांशु सोम के साथ फर्स्ट AC के H1 कोच में बैठा था। सुबह बाथरूम जाते वक्त पीछे मुझ पर हमला किया। जान बचाने के लिए उससे हाथापाई की। हमलावर अकेला था। बॉडी बिल्डर जैसा था। उसने कोई नकाब नहीं पहन रखा था। उसे देखते ही पहचान लूंगा। शायद वो गाजियाबाद से ही पीछा कर रहा था।
उन्होंने आशंका जताई कि ट्रेन के बाहर और भी हमलावर हो सकते हैं। यही सोचकर पहले जीआरपी को सूचना दी, फिर बाथरूम से बाहर आया।
उन्होंने शंकराचार्य पर बड़ा हमला बोलते हुए कहा कि अविमुक्तेश्वरानंद के खिलाफ कोर्ट में सबूत न पेश कर पाऊं, इसलिए हमला करवाया। उसे पता है कि सबूत देखने के बाद कोर्ट से जमानत नहीं मिलेगी। उन्होंने बताया कि पुलिस कार्रवाई कर रही है। मेरा मेडिकल हो चुका है। कुछ और ट्रीटमेंट बचा है। सांस लेने में तकलीफ है। इसके लिए जिला हॉस्पिटल रेफर किया है।
जगद्गुरु रामभद्राचार्य के शिष्य हैं आशुतोष महाराज
आशुतोष ब्रह्मचारी महाराज का जन्म शामली के कांधला कस्बे के एक ब्राह्मण परिवार में हुआ था। इनके पिता राजेंद्र पांडे दिल्ली रोड पर चलने वाली प्राइवेट बसों में कंडक्टर थे।आशुतोष महाराज कांधला के प्राचीन शाकुंभरी सिद्धपीठ मंदिर की कमेटी से जुड़े। वर्तमान में वह इसके प्रबंधक भी हैं। इन्हीं के परिवार के चाचा प्रदीप पांडे मंदिर में पुजारी हैं। साल 2022 में उन्होंने जगतगुरु रामभद्राचार्य से दीक्षा ली थी। इसके बाद से वह संन्यासी जीवन जी रहे हैं।