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राजकीय सम्‍मान के साथ आशा भोसले का अंतिम संस्कार, बेटे आनंद ने दी मुखाग्नि

राजकीय सम्‍मान के साथ आशा भोसले का अंतिम संस्कार, बेटे आनंद ने दी मुखाग्नि

एंटरटेनमेंट डेस्‍क: फिल्‍म जगत की मशहूर गायिका आशा भोसले (Asha Bhosle) का राजकीय सम्मान के साथ शिवाजी पार्क श्मशान घाट पर अंतिम संस्कार हुआ। उन्हें महाराष्ट्र पुलिस ने ‘गार्ड ऑफ ऑनर’ दिया। बॉलीवुड सिंगर्स ने ‘अभी ना जाओ छोड़कर’ गाकर भावुक विदाई दी। आशा भोसले के अंतिम संस्कार के दौरान बेटे आनंद भोसले ने मुखाग्नि दी। आशा भोसले के अंतिम संस्कार के दौरान पोती जनाई भोसले दादी की विदाई में भावुक होकर रोती नजर आईं।

राजकीय सम्‍मान के साथ आशा भोसले का अंतिम संस्कार, बेटे आनंद ने दी मुखाग्नि

राजकीय सम्‍मान के साथ आशा भोसले का अंतिम संस्कार, बेटे आनंद ने दी मुखाग्नि

अंतिम संस्कार से पहले एक भावुक पल देखे मिला, जब शान, अनुप जलोटा जैसे गायकों ने गाने गाकर आशा भोसले को श्रद्धांजलि दी। सुबह उनका पार्थिव शरीर अंतिम दर्शन के लिए उनके मुंबई निवास कासा ग्रांडे में रखा गया था। इससे पहले उन्हें तिरंगे में लपेटकर सलामी दी गई।

राजकीय सम्‍मान के साथ आशा भोसले का अंतिम संस्कार, बेटे आनंद ने दी मुखाग्नि

आशा भोसले का रविवार को मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में निधन हो गया था। वे 92 साल की थीं। उन्‍होंने 82 साल के सिंगिंग करियर में 9 फिल्फमेयर सहित 100 से अधिक अवॉर्ड जीते। उन्हें देश के दूसरे सबसे बड़े नागरिक सम्मान पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया था।

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राजकीय सम्‍मान के साथ आशा भोसले का अंतिम संस्कार, बेटे आनंद ने दी मुखाग्नि

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आशा भोसले के बारे में

जन्म- 08 सितंबर, 1933 को सांगली, महाराष्ट्र में हुआ था।

गाने की शुरुआत- 10 साल की उम्र में पहली बार मराठी फिल्म ‘माझा बाल’ (1943) के लिए ‘चला चला नवबाला’ गीत गाया था।

हिंदी भाषा में पहला गाना- हिंदी में पहली बार फिल्म ‘चुनरिया’ (1948) में ‘सावन आया रे’ गीत गाया था। 20 से अधिक भाषाओं में गाया।

कुल गीत- फिल्मी गाने, पॉप, गजल, भजन, शास्त्रीय संगीत सहित कई शैलियों में 12,000 से अधिक गीत गाए।

साल 2011- गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड में नाम दर्ज हुआ। सबसे ज्यादा गाने का रिकॉर्ड।

साल 2008- राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल ने पद्म विभूषण पुरस्कार से सम्मानित किया था।

साल 2000- दादा साहेब फाल्के पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।

सन् 1997- ग्रैमी अवॉर्ड के लिए नॉमिनेट होने वाली पहली भारतीय बनीं।

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