लखनऊ: माता प्रसाद पांडे जैसे वरिष्ठ नेता के साथ नेता सदन द्वारा अमर्यादित भाषा और असम्मानजनक व्यवहार लोकतंत्र को शर्मसार करने वाला है, यह एक गम्भीर विषय और अत्यंत दुखद है कि नेता विपक्ष माता प्रसाद पांडे ने नेता सदन के समक्ष, अपने साथ गोरखपुर में हुए दुर्व्यवहार की बात रखना चाहते थे और गोरखपुर की घटना की जांच चाहते थे, लेकिन जिस तरह सदन के अंदर नेता विपक्ष की बात न सुनकर, नेता सदन ने अमानवीय और असंवेदनशील रवैया अपनाया और विषय की गंभीरता को न समझ उपहास जैसा बयान दिया, यह बहुत गलत है। यह बात कांग्रेस विधानमंडल दल नेता आराधना मिश्रा मोना ने कही है।
सरकार सदैव एक पार्टी की नहीं रहती…
उन्होंने कहा, एक तरफ भाजपा सरकार प्रत्येक व्यक्ति की सुरक्षा का वादा करने की बातें करती है, लेकिन नेता विपक्ष के साथ जिस तरह घटना हुई, भाजपा नेताओं ने दुर्व्यवहार किया और सुरक्षा की अनदेखी हुई यह सरकार के अहंकार को दर्शाता है। सरकार सदैव एक पार्टी की नहीं रहती, कभी हम भी सत्ता में थे आज विपक्ष में हैं, आप यहां थे आज सत्ता में हैं लेकिन मर्यादाएं टूटनी नहीं चाहिए।
आराधना मिश्रा ने कहा, सदन के किसी भी सदस्य का अपमान पूरे सदन का अपमान है, हमें उम्मीद थी कि सरकार आज इस पर गंभीर रुख अपनाकर जांच कराती और दोषियों पर कार्यवाही का भरोसा देती, लेकिन उल्टा सदन के सदस्य को अमर्यादित भाषा से अपमानित किया जा रहा है ये दुर्भाग्यपूर्ण है। कांग्रेस पार्टी की मांग है, नेता विपक्ष के साथ गोरखपुर में सुरक्षा चूक और हुए दुर्व्यवहार की निष्पक्ष जांच कर दोषियों को चिह्नित किया जाए। विधानसभा अध्यक्ष को इस मामले में स्पष्ट और सार्वजनिक स्पष्टीकरण देना चाहिए। सरकार को सदन में नेता विपक्ष से औपचारिक माफ़ी मांगनी चाहिए।