Amit Shah: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सनातन धर्म और उसकी परंपराओं को लेकर बड़ा राजनीतिक बयान दिया है। गुजरात के गांधीनगर में स्वामीनारायण संप्रदाय के एक कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि जो सरकार सनातन धर्म के अनुयायियों को निराश करती है, वह देश में दोबारा सत्ता में नहीं लौट सकती। उनके इस बयान को आने वाले राजनीतिक हालात और सांस्कृतिक विमर्श से जोड़कर देखा जा रहा है। अमित शाह ने कहा कि आजादी के बाद लंबे समय तक सनातन परंपराओं को उचित सम्मान देने वाली सरकार की प्रतीक्षा रही।
सनातन धर्म पर शाह का संदेश
अमित शाह ने कहा कि संतों के आशीर्वाद से उन्हें पूरा भरोसा है कि जो सरकार सनातन धर्म के मूल्यों को कमजोर करेगी, वह दोबारा सत्ता में नहीं आएगी। उन्होंने कहा कि आज देश में ऐसी सरकार है, जो सनातन धर्म के सिद्धांतों के अनुसार शासन कर रही है और सांस्कृतिक विरासत को मजबूत कर रही है।
अमित शाह ने मोदी के कार्यकाल का भी किया जिक्र
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-गुजरात के बेटे नरेंद्र मोदी पिछले 11 वर्षों से देश का नेतृत्व कर रहे हैं।
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-550 साल पहले तोड़े गए राम मंदिर का निर्माण पूरा हुआ।
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-सरकार के कार्यकाल में अनुच्छेद 370 और तीन तलाक हटाया गया।
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-सभी धर्मों के लिए समान नागरिक संहिता की पहल की गई।
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-सरकार ने भारत की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक पहचान को मजबूत की।
संस्कृति और परंपराओं के लिए क्या कदम उठाए गए?
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-बीते 11 वर्षों में योग, आयुर्वेद, गौ संरक्षण खास ध्यान दिया गया।
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-प्रमुख तीर्थ स्थलों के पुनरुद्धार पर काम किया गया।
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-बद्रीनाथ और केदारनाथ का पुनर्विकास।
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-काशी विश्वनाथ कॉरिडोर का निर्माण।
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-अब सोमनाथ जैसे तीर्थों का विकास।
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-ये प्रयास सिर्फ आस्था नहीं, बल्कि समाज के कल्याण से जुड़े हैं।