उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, दिल्ली, देश-दुनिया, बिजनेस, राजनीति

अमेरिका-इजराइल का ईरान की सबसे बड़ी गैस फील्ड पर हमला, भारत ने भेजी मेडिकल मदद 

अमेरिका-इजराइल का ईरान की सबसे बड़ी गैस फील्ड पर हमला, भारत ने भेजी मेडिकल मदद 

नई दिल्‍ली: अमेरिका-इजराइल ने अब ईरान के ऊर्जा ठिकानों को निशाना बनाना शुरू कर दिया है। ईरानी सरकारी मीडिया के मुताबिक, अमेरिका और इजराइल ने दक्षिणी ईरान में साउथ पार्स गैस फील्ड और असालुयेह शहर की तेल-गैस सुविधाओं पर एयरस्ट्राइक की है। साउथ पार्स दुनिया का सबसे बड़ा प्राकृतिक गैस फील्ड माना जाता है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, हमले में गैस के साथ-साथ पेट्रोकेमिकल और तेल इंफ्रास्ट्रक्चर को भी निशाना बनाया गया है। इजराइली मीडिया ने भी बुशेहर क्षेत्र में गैस फैसिलिटी पर हमले की जानकारी दी है।

इससे पहले इजराइल के रक्षा मंत्री ने कहा था कि आज ईरान और लेबनान में ‘बड़े सरप्राइज’ देखने को मिलेंगे, जिसे इन हमलों से जोड़कर देखा जा रहा है। इसके जवाब में ईरान ने खाड़ी देशों में बड़े हमलों की चेतावनी दी है। ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड (IRGC) ने लोगों से सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात (UAE) और कतर के प्रमुख तेल और गैस ठिकानों से दूर रहने को कहा है। वहीं कतर ने ईरान के गैस फील्ड पर हमले की निंदा की है।

भारतीय जहाज ‘जग लाडकी’ गुजरात पहुंचा

भारतीय झंडे वाला तेल टैंकर ‘जग लाडकी’ गुजरात के मुंद्रा स्थित अडाणी पोर्ट्स पर पहुंच गया है। यह UAE के फुजैराह पोर्ट से होर्मुज स्ट्रेट पार करते हुए आया है। इस पर 80,886 मीट्रिक टन (लगभग 5.8–6 लाख बैरल) कच्चा तेल लदा है। भारत में हर रोज लगभग 5.5–5.6 मिलियन बैरल (करीब 90 करोड़ लीटर) तेल की खपत होती है।

गैस फील्ड पर हमले के जवाब में ईरान ने इजराइल पर मिसाइल दागीं

ईरान ने अपने साउथ पार्स गैस फील्ड और अन्य ऊर्जा ठिकानों पर हुए हमलों के जवाब में इजराइल पर मिसाइलें दागी हैं। इजराइली सेना के मुताबिक ईरान की ओर से दागी गई मिसाइलों को इंटरसेप्ट करने के लिए एयर डिफेंस सिस्टम सक्रिय कर दिए गए हैं।

सेना ने बताया कि संभावित निशाने वाले इलाकों में लोगों को मोबाइल अलर्ट भेजकर तुरंत शेल्टर में जाने के निर्देश दिए गए हैं। हमले में किसी बड़े नुकसान या हताहत की जानकारी फिलहाल सामने नहीं आई है।

कतर ने ईरान के गैस फील्ड पर हमले की निंदा की

कतर ने ईरान के साउथ पार्स गैस फील्ड से जुड़ी सुविधाओं पर हुए हमले को लेकर कड़ी निंदा की है। कतर के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता माजिद अल-अंसारी ने कहा कि ऊर्जा ढांचे को निशाना बनाना बेहद खतरनाक और गैर-जिम्मेदाराना कदम है। उन्होंने कहा कि यह गैस फील्ड कतर के नॉर्थ फील्ड का विस्तार है और इस पर हमला वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा पैदा करता है।

कतर ने चेतावनी दी कि इस तरह के हमले क्षेत्र की स्थिरता, पर्यावरण और आम लोगों के लिए गंभीर जोखिम पैदा कर सकते हैं। साथ ही कतर ने सभी पक्षों से संयम बरतने, अंतरराष्ट्रीय कानून का पालन करने और तनाव कम करने की अपील की है।

ईरान बोला-सऊदी, UAE और कतर के तेल ठिकाने निशाने पर

ईरान ने खाड़ी देशों में बड़े हमलों की चेतावनी दी है। ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड (IRGC) ने लोगों से सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात (UAE) और कतर के प्रमुख तेल और गैस ठिकानों से दूर रहने को कहा है।

IRGC के मुताबिक, आने वाले घंटों में इन ऊर्जा ठिकानों को निशाना बनाया जा सकता है। यह चेतावनी ऐसे समय आई है जब ईरानी मीडिया ने अमेरिका और इजराइल पर साउथ पार्स गैस फील्ड पर हमले का आरोप लगाया है।

ईरान बोला– अब दुश्मन के ‘सुरक्षित’ ठिकाने भी निशाने पर होंगे

ईरान ने अपनी गैस फैसिलिटीज पर हुए हमलों के बाद बड़ा जवाब देने की चेतावनी दी है। ईरानी सैन्य अधिकारियों ने कहा कि अब उन “दुश्मन के इंफ्रास्ट्रक्चर” को निशाना बनाया जाएगा, जिन्हें अब तक सुरक्षित माना जाता था।

ईरान ने दक्षिणी शहर असालुयेह और साउथ पार्स गैस फील्ड पर हुए हमलों को वॉर क्राइम करार दिया है और कहा है कि यह कार्रवाई बिना जवाब के नहीं छोड़ी जाएगी। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिका और इजराइल पर इन हमलों का आरोप लगाया गया है, हालांकि दोनों देशों की ओर से आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

जंग के बीच मिडिल-ईस्ट से 2.6 लाख भारतीय लौटे

मिडिल-ईस्ट में जारी जंग के बीच अब तक करीब 2.6 लाख भारतीय देश वापस लौटे हैं। विदेश मंत्रालय के मुताबिक यह वापसी 28 फरवरी से अब तक हुई है। सरकार ने बताया कि मौजूदा हालात में भी फ्लाइट ऑपरेशन जारी हैं और UAE से रोजाना करीब 70 उड़ानें भारत आ-जा रही हैं, जिससे यात्रियों की आवाजाही बनी हुई है।

सरकार ने यह भी बताया कि ईरान में भारतीय दूतावास, वहां फंसे नागरिकों, खासकर छात्रों की मदद कर रहा है और जरूरत पड़ने पर उन्हें आर्मेनिया और अजरबैजान के रास्ते निकालने की व्यवस्था की जा रही है।

इजराइल बोला– ईरान की सैन्य ताकत खत्म कर रहे

इजराइल ने कहा है कि वह ईरान की सैन्य क्षमता को लगातार कमजोर कर रहा है और आगे भी कार्रवाई जारी रखेगा। इजराइली सेना (IDF) के अंतरराष्ट्रीय प्रवक्ता नदव शोशानी ने कहा कि ईरान अपनी पूरी ताकत झोंक रहा है, लेकिन इजराइल यह सुनिश्चित कर रहा है कि उसकी क्षमता सीमित हो जाए।

उन्होंने कहा, “हम यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि ईरान जो कर सकता है, वह बहुत ज्यादा न हो और हम उसकी क्षमताओं को अधिकतम हद तक खत्म करने के लिए आगे बढ़ते रहेंगे।”

भारत ने ईरान को मेडिकल मदद की पहली खेप भेजी

इजराइल-अमेरिका और ईरान जंग के बीच भारत ने ईरान को मेडिकल सहायता की पहली खेप भेजी है। यह खेप ईरान की रेड क्रिसेंट सोसाइटी को सौंपी गई, जिसमें जरूरी दवाइयां और मेडिकल सप्लाई शामिल हैं। भारत में ईरान के दूतावास ने इस सहायता के लिए भारतीय लोगों का आभार जताया। दूतावास ने कहा कि यह मदद सफलतापूर्वक पहुंचा दी गई है और इसे “भारत के लोगों की ओर से मिला सहयोग” बताया। दूतावास ने मेडिकल सप्लाई सौंपने का वीडियो भी शेयर किया।

ईरान जंग में मारे जाने वाले प्रमुख नेता/अधिकारी

28 फरवरी से शुरू हुए अमेरिका-इजराइल के हमलों में ईरान के कई बड़े राजनीतिक और सैन्य नेताओं की मौत हो गई है। यह हमला ऐसे समय हुआ जब ओमान की मध्यस्थता में अमेरिका और ईरान के बीच परमाणु बातचीत चल रही थी। इसे पिछले कई दशकों में ईरान पर सबसे बड़ा हमला माना जा रहा है।

ईरान जंग में मारे जाने वाले प्रमुख नेता/अधिकारी

अयातुल्ला अली खामेनेई- ईरान के सुप्रीम लीडर

अली लारिजानी- ईरान सिक्योरिटी काउंसिल चीफ

अली शामखानी- खामेनेई के करीबी सलाहकार

मोहम्मद पाकपूर- IRGC चीफ

अजीज नसीरजादेह- रक्षा मंत्री

अब्दोलरहीम मौसवी- आर्मी चीफ

गुलामरेजा सुलेमानी- बसीज फोर्स कमांडर।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *