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एमजीयूजी में ‘विकास के साथ पर्यावरणीय चुनौतियां: साझा प्रयास से सतत विकास’ पर आधारित संगोष्ठी में बोले UPPCB के चेयरमैन
UP News: उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (UPPCB) एवं महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय गोरखपुर के संयुक्त् तत्वावधान में ‘विकास के साथ पर्यावरणीय चुनौतियां: साझा प्रयास से सतत विकास’ विषय पर आधारित संगोष्ठी का आयोजन हुआ। कार्यक्रम में UPPCB के चेयरमैन डॉ. रविंद्र प्रताप सिंह की भी उपस्थिति रही। उन्होंने प्रदेश के मुखिया योगी आदित्यनाथ के प्रति आभार ज्ञापित करते हुए ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण के प्रति सीएम की सोच दूरदर्शी है। मुख्यमंत्री हमेशा इस बात पर जोर देते हैं कि विकास तेजी से हो लेकिन उसके समानांतर पर्यावरण की रक्षा के लिए भी हम प्रतिबद्ध रहें। उन्होंने कहा कि विकास अपरिहार्य है लेकिन इसका भोग हम तब कर पाएंगे जब वायु, जल स्वच्छ होंगे और धरती हमारे अनुकूल रहेगी। छोटे छोटे प्रयास पर्यावरण संरक्षण के लिए बड़े उद्देश्य की पूर्ति कर सकते हैं।
संगोष्ठी में भारत के जलपुरुष कहे जाने वाले रैमन मैग्सेसे पुरस्कार विजेता डॉ. राजेंद्र सिंह ने कहा कि सनातन विकास या विकास का सनातन मॉडल ही भारत को दोबारा विश्वगुरु बना सकता है। विकास के साथ प्रकृति का भी चिंतन भारत का सनातन विचार है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के लिए सुखद स्थिति है कि यहां के मुख्यमंत्री विकास के सनातन मॉडल, प्राकृतिक और सांस्कृतिक विविधता के एकीकरण को आगे बढ़ा रहे हैं, जहां विकास का विचार है तो साथ ही प्रकृति और पर्यावरण को बचाने का प्रतिबद्ध चिंतन भी। उन्होंने विकास और पर्यावरण संरक्षण को साथ लेकर चलने वाले विकास के सनातन मॉडल के बारे में विस्तार से बताया। कहा कि प्राचीन भारत का विकास सनातन विकास था।

पर्यावरण सुरक्षित रखकर भी तीव्र विकास संभव
विशिष्ट अतिथि प्रदेश के पूर्व मुख्य सचिव एवं स्टेट ट्रांसफॉर्मेशन कमीशन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी मनोज कुमार सिंह ने कहा कि सबसे ज्यादा विकसित देश सबसे ज्यादा साफ सुथरे हैं। उनका पानी स्वच्छ है और एक्यूआई भी। इससे स्पष्ट है कि पर्यावरण सुरक्षित रखकर भी तीव्र विकास संभव है। एमजीयूजी के कुलपति डॉ. सुरिंदर सिंह ने कहा कि विकसित भारत 2047 के लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए सतत विकास के साथ पर्यावरण संरक्षण पर भी पूरी गंभीरता से ध्यान देना होगा।
संगोष्ठी में दो पैनल सत्रों का भी आयोजन किया गया। दोनों सत्रों में पर्यावरण संरक्षण को वेस्ट से वेल्थ की जरूरत पर मंथन किया गया। मनोज कुमार सिंह, अनिल कुमार व नगर आयुक्त के अलावा भारत सरकार के वन एवं पर्यावरण मंत्रालय में एक्सपर्ट एप्रेजल कमेटी के चेयरमैन राजीव कुमार और गैलेंट के सीईओ मयंक अग्रवाल ने चर्चा में हिस्सा लिया। दूसरे सत्र में आईआईटी कानपुर के प्रो. सच्चिदानंद त्रिपाठी, बीएचयू के प्रो. एएस रघुबंशी, आईआईटी बीएचयू के प्रो. पीके मिश्र, यूपीपीसीबी के डॉ. रविंद्र प्रताप सिंह आदि शामिल हुए।
