बरेली: बरेली के निलंबित सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री ने रविवार (01 फरवरी) को स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद से मुलाकात की। इसके बाद उन्होंने सरकार की नीतियों पर निशाना साधा। अग्निहोत्री के इस कदम को सरकार के खिलाफ एक बड़े आंदोलन की शुरुआत माना जा रहा है, खासकर यूजीसी के नए नियमों और शंकराचार्य से जुड़े विवाद के बीच।
अलंकार अग्निहोत्री ने बताया कि प्रयागराज में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के साथ हुई एक घटना के बाद दोनों के बीच बातचीत हुई थी। स्वामी जी ने उन्हें प्रयागराज बुलाया था, लेकिन अग्निहोत्री तब वाराणसी के लिए रवाना हो चुके थे। अब यह मुलाकात बरेली में संपन्न हुई है।
यूजीसी के नए नियम से सरकार की असलियत उजागर
मीडिया से बात करते हुए अलंकार अग्निहोत्री ने सरकार की नीतियों पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने कहा, सन् 1989 में लागू हुआ एससी-एसटी एक्ट देश का सबसे काला कानून था और अब यूजीसी के नए नियम सरकार की असलियत उजागर कर रहे हैं। अग्निहोत्री ने दावा किया कि जनता में सरकार के खिलाफ भारी आक्रोश है और उसका कोर वोटर उससे दूर होता जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि एससी-एसटी कानून से 85% लोग प्रभावित हैं और 95% मामले फर्जी दर्ज होते हैं।
उन्होंने सरकार को चेतावनी दी कि यदि 06 फरवरी, 2026 तक संबंधित कानून वापस नहीं लिए गए, तो 07 फरवरी को देशव्यापी महाआंदोलन किया जाएगा। इस आंदोलन के तहत दिल्ली कूच किया जाएगा और आम जनता से बड़ी संख्या में इसमें शामिल होने की अपील की जाएगी।