लखनऊ: मथुरा में कोहरे की वजह से यमुना एक्सप्रेसवे पर हुए भीषण हादसे को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के आला अधिकारियों को फील्ड पर अलर्ट रहने के निर्देश दिए हैं। बुधवार (17 दिसंबर) को एक उच्चस्तरीय बैठक में उन्होंने स्पष्ट किया कि यातायात सुरक्षा और निराश्रितों की सुरक्षा में किसी भी स्तर पर लापरवाही अक्षम्य होगी।
यातायात सुरक्षा के लिए ‘एक्शन प्लान’
मुख्यमंत्री योगी ने खराब विजिबिलिटी (दृश्यता) के दौरान दुर्घटनाओं को रोकने के लिए निम्नलिखित कड़े कदम उठाने के निर्देश दिए हैं।
- लाउडस्पीकर से चेतावनी: एक्सप्रेसवे के टोल प्लाजा पर लाउडस्पीकर के माध्यम से चालकों को कोहरे और सुरक्षित ड्राइविंग के प्रति जागरूक किया जाए।
- इमरजेंसी रिस्पॉन्स: एक्सप्रेसवे और हाईवे पर 24 घंटे एंबुलेंस और क्रेन की उपलब्धता सुनिश्चित हो। ब्लैक स्पॉट्स (दुर्घटना संभावित क्षेत्र) पर अतिरिक्त सतर्कता और टीमें तैनात की जाएं।
- रिफ्लेक्टर और लाइट: सड़कों पर प्रकाश व्यवस्था दुरुस्त करने और वाहनों के पीछे रिफ्लेक्टर टेप लगवाना अनिवार्य करने को कहा गया है।
- ओवरस्पीडिंग पर लगाम: कोहरे के दौरान गति सीमा का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कानूनी कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
मानवीय सुरक्षा जरूरी
ठंड और शीतलहर को देखते हुए सीएम योगी आदित्यनाथ ने जिला प्रशासन को निर्देश दिए हैं कि किसी भी व्यक्ति को खुले में सोने न दिया जाए, उन्हें तत्काल रैन बसेरों तक पहुंचाया जाए। रैन बसेरों में अलाव, हीटर और पर्याप्त कंबलों की व्यवस्था सुनिश्चित हो। गोशालाओं में भी गोवंश को ठंड से बचाने के लिए उचित प्रबंध किए जाएं।
यात्रियों के लिए सरकारी ‘ट्रैवल गाइडलाइन’
- वाहन की गति निर्धारित सीमा से कम रखें और फॉग लाइट का प्रयोग करें।
- हेडलाइट को हमेशा लो-बीम पर रखें और इमरजेंसी इंडिकेटर्स चालू रखें।
- आगे चल रहे वाहन से सुरक्षित दूरी बनाए रखें।
- एक्सप्रेसवे पर बार-बार लेन न बदलें और ओवरटेकिंग से बचें।
- कोहरा बहुत घना होने पर वाहन को सुरक्षित स्थान पर रोक लें, रिस्क न लें।