Strait of Hormuz: मोदी सरकार का बड़ा प्लान, अब भारतीय नाविक पर रहेगी 24 घंटे नजर
Strait of Hormuz: पश्चिम एशिया में बढ़ते समुद्री सुरक्षा संकट को देखते हुए केंद्र सरकार ने भारतीय नाविकों की सुरक्षा के लिए बड़े कदम उठाए हैं। केंद्रीय मंत्री सर्वानंद सोनोवाल ने समुद्री निगरानी बढ़ाने और ‘सीफेरर-फर्स्ट’ या नाविकों को प्राथमिकता देने की नीति लागू करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि प्रभावित क्षेत्र में मौजूद हर भारतीय नाविक का पता लगाया जाएगा, चाहे वह किसी भी देश के झंडे वाले जहाज पर काम कर रहा हो।
हर जहाज की होगी रियल टाइम मॉनिटरिंग
सोनेवाल ने बैठक के दौरान हर जहाज की ‘रियल टाइम मॉनिटरिंग’, प्रत्येक प्रभावित भारतीय नाविक के लिए समर्पित संपर्क अधिकारी की नियुक्ति और विदेश मंत्रालय, भारतीय नेवी, जहाजरानी महानिदेशालय, पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय, रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय तथा ईरान और ओमान स्थित भारतीय दूतावासों के साथ चौबीसों घंटे समन्वय बनाए रखने के निर्देश दिए। यह बैठक होर्मुज में एमटी अल बहियाह और एमटी मोम्बासा नामक दो व्यापारिक जहाजों पर हुए हमलों के बाद बुलाई गई थी। दोनों जहाजों के कुल 46 सदस्यीय दल में 30 भारतीय नाविक शामिल थे।
‘भारतीय नाविकों की सुरक्षा है प्राथमिकता‘
सोनोवाल ने जहाज मालिकों, पोत प्रबंधकों और भर्ती एजेंसियों को भी निर्देश दिया कि वे अनुपालन रिपोर्ट दें और यह सुनिश्चित करें कि किसी भी भारतीय नाविक को पर्याप्त सुरक्षा, जानकारी और सहायता के बिना जहाज पर जाने के लिए मजबूर न किया जाए। सरकार ने नाविकों और उनके परिवारों की सहायता के लिए 24×7 सहायता प्रणाली भी शुरू की है। इसके तहत टोल-फ्री हेल्पलाइन, व्हाट्सएप और ईमेल के माध्यम से शिकायतें और सहायता अनुरोध दर्ज कराए जा सकते हैं। सोनोवाल ने दोहराया कि सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता भारतीय नाविकों की सुरक्षा है। उन्होंने कहा कि सभी मंत्रालयों और समुद्री एजेंसियों के समन्वय से भारतीयों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी।



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