सीएम योगी का ऐलान- इस साल यूपी में होंगी डेढ़ लाख भर्तिया, इनमें हजारों शिक्षक

सीएम योगी का ऐलान- इस साल यूपी में होंगी डेढ़ लाख भर्तिया, इनमें हजारों शिक्षक

लखनऊ: उत्‍तर प्रदेश में एक साल में डेढ़ लाख भर्तियां होंगी। रविवार को मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ ने लखनऊ में यह घोषणा की। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) अकेले 32 हजार भर्तियां करेगा। शिक्षा चयन आयोग भी हजारों शिक्षकों की भर्ती करेगा। उन्होंने कहा कि लोकसेवा आयोग 15 हजार नौकरियां देगा। यूपी पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड 45 हजार होमगार्ड और एसआई की भर्ती कर रहा है। आने वाले दिनों में इतनी ही और भर्तियां होंगी। 2026-27 में इन आयोगों और बोर्डों के जरिए एक साल में 1.5 लाख भर्तियां होंगी।

मुख्‍यमंत्री योगी ने UPSSSC से चयनित 357 कनिष्ठ विश्लेषक (औषधि) और 252 डेंटल हाइजीनिस्ट को जॉइनिंग लेटर दिए। योगी ने कहा- पहले भर्ती बोर्ड के चेयरमैन एक ओर बैठते थे और चाचा-भतीजे की जोड़ी वसूली के लिए निकल पड़ती थी। यह बात सभी को पता थी। जब पकड़े जाने की नौबत आती थी, तो चेयरमैन को आगे कर देते थे। बेईमान नेताओं और नौकरशाहों को रोकने की जिम्मेदारी आपकी भी है।

नौकरी न मिलने पर युवक के सुसाइड का किस्सा सुनाया

सीएम योगी ने कहा कि मुझे याद है, जब मैं गोरखपुर का सांसद था। शाम का समय था, हाईवे जाम था। पता चला कि किसी नौजवान ने आत्महत्या कर ली थी। वह क्षेत्र मेरे संसदीय क्षेत्र का हिस्सा था। अधिकारियों ने कहा कि लोगों में आक्रोश है, आप मत जाइए। मैंने कहा, मैं जाऊंगा।

मुझे लोगों ने देखा तो वे शांत हो गए। मैंने बातचीत की। मैं उस परिवार से मिला, जिसके बेटे ने आत्महत्या की थी। घटना के बारे में पूछा। बताया गया कि पुलिस भर्ती में उसकी सामान्य रैंक थी, लेकिन नियुक्ति पत्र नहीं दिया गया। वह डिप्रेशन में चला गया और आत्महत्या कर ली।

भर्ती में सेंध लगाने वालों के लिए उम्रकैद का कानून हमारे पास

मुख्‍यमंत्री ने कहा कि किसी भी भर्ती प्रक्रिया में सेंध न लगे, इसके लिए सख्त कानून बनाया गया है। जो भी भर्ती में धांधली करता पाया जाएगा, उसकी संपत्ति जब्त करने और उसे आजीवन कारावास की सजा देने के लिए कानून भी पास है। मां-बाप की इच्छा होती है कि उनके बेटे-बेटी को अच्छी शिक्षा और अच्छी नौकरी मिले, लेकिन जब अपेक्षित परिणाम नहीं आते हैं और किसी नौजवान के सपने चकनाचूर हो जाते हैं, तो यह केवल उस युवा के साथ धोखा नहीं होता, बल्कि आने वाली पीढ़ी के भविष्य के साथ भी धोखा होता है।

यूपी यूं ही बीमारू राज्य नहीं बना। चयन प्रक्रिया में भेदभाव और भ्रष्टाचार करके राज्य को बीमारू और अराजक प्रदेश बना दिया गया था। प्रदेश गुंडागर्दी से त्रस्त था। महीनों-महीनों कर्फ्यू लगा रहता था। चयन प्रक्रिया में भेदभाव होता था। कोर्ट को भर्तियां रोकनी पड़ती थीं। परीक्षा कोई और देता था, नियुक्ति पत्र कोई और लेता था।

पहले सब भगवान भरोसे था, आज 81 मेडिकल कॉलेज

सीएम ने कहा कि चार-पांच जिलों को छोड़ दिया जाए तो प्रदेश के 75 में से लगभग सभी जिलों में मेडिकल कॉलेज हैं। आज 81 मेडिकल कॉलेज और दो एम्स हैं। पहले न कॉलेज थे, न स्टाफ। सब भगवान भरोसे था। परिणाम भी उसी के अनुरूप आते थे। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन के बारे में लोग जानते ही नहीं थे। कौन-सी दवा ले रहे हैं, उसकी गुणवत्ता है या नहीं, इसकी कोई जांच नहीं होती थी। हर चीज में मिलावट होती थी। कौन रोके? पुलिस थोड़े ही रोक पाएगी। जिम्मेदार विभाग के पास लैब नहीं थीं।

जांच के परिणाम आने में वर्षों लग जाते थे। मिलावटखोरों को सजा नहीं हो पाती थी। दूध, मसालों, फलों और मिठाइयों में मिलावट आम बात थी। जिस विभाग को यह काम करना था, उसके पास न पर्याप्त कर्मचारी थे, न लैब और न उपकरण। अब नमूनों की जांच के लिए मंडल स्तर पर लैब बनाई गई हैं। उनमें उपकरण और मैनपावर उपलब्ध है। खाद्य सुरक्षा से जुड़े नमूनों की जांच उसी कमिश्नरी में की जा सकेगी।

पहले लोगों को सिर्फ अपने और परिवार के स्वास्थ्य से ही मतलब था

सीएम योगी आदित्‍यनाथ ने कहा कि अब तय समय सीमा के भीतर बताया जाता है कि नमूना सही है या गलत। पहले केवल 5 प्रयोगशालाएं थीं, अब हाई-इक्विपमेंट के साथ 18 प्रयोगशालाएं काम कर रही हैं। पहले 12 हजार नमूने लिए जाते थे, अब 55 हजार नमूने लिए जा सकते हैं। पहले लोग स्वास्थ्य का महत्व नहीं समझते थे, क्योंकि उन्हें सिर्फ अपने और अपने परिवार के स्वास्थ्य से मतलब था। किसी का दांत खराब हो जाए तो खाने का सारा स्वाद बिगड़ जाता है। अब अच्छे डेंटल डॉक्टर होंगे, सही सलाह देंगे। अच्छे दांत होंगे तो भोजन भी अच्छा लगेगा और व्यक्ति स्वस्थ रहेगा।

नौ साल में काफी परिवर्तन हुआ

योगी आदित्‍यनाथ ने कहा कि पिछले 9 साल में काफी परिवर्तन हुआ है। आप में से कई लोग तब नाबालिग रहे होंगे। जो पात्र नहीं था, वह चेयरमैन बन गया। जिसकी डिग्री फर्जी थी, वह आयोग का चेयरमैन बनकर भर्ती करता था। पैसों का लेन-देन होता था। भर्तियां नहीं हो पाती थीं। जब मेरी सरकार आई तो मैंने पुलिस भर्ती बोर्ड से पूछा कि भर्ती क्यों नहीं हो रही है। पता चला कि कोर्ट में केस पेंडिंग है।

मैंने सारी प्रक्रिया न्यायालय के निर्देशों के अनुसार पूरी कराई। अब तक 2.20 लाख की भर्ती पुलिस विभाग में की जा चुकी है। पहले सोच छोटी थी और काम भी छोटे-छोटे होते थे। 2025 में जब 60,244 पुलिस जवानों की एक साथ भर्ती की गई, तो कई राज्यों को लगा कि यूपी में ट्रेनिंग नहीं हो पाएगी। लेकिन पूरी ट्रेनिंग यूपी में ही हुई। अभ्यर्थियों को फील्ड में भेजा जा चुका है। पहले प्रदेश में एक साथ सिर्फ 3 हजार जवानों की ट्रेनिंग हो पाती थी।

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