कोलकाता: भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने शुक्रवार को पश्चिम बंगाल के लिए घोषणा पत्र यानी ‘भरोसे का पत्र’ जारी किया। इसमें महिलाओं को ₹3 हजार महीना, युवा बेरोजगारों को ₹3 हजार महीना की मदद, पहले 6 महीने में UCC लागू करना और सरकारी कर्मचारियों को 45 दिन में सातवां वेतनमान देने की घोषणा की गई।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पत्र जारी करते हुए कहा, बंगाल की जनता के लिए पिछले 15 साल बुरे सपने के जैसे रहे हैं। ममता घुसपैठियों के जरिए तीसरी बार CM बनीं हैं। हम घुसपैठियों को डिटेक्ट, डिलीट और डिपोर्ट करेंगे। राज्य में दो फेज में 23 और 29 अप्रैल को वोटिंग होनी है। रिजल्ट 4 मई को आएगा।
हम बंगाल के सपने को साकार करेंगे
अमित शाह ने कहा कि गुरुदेव की जन्म जयंती के आसपास ही भय के कोहरे से बाहर आकर भरोसे का शासन स्थापित करेगी। 15 साल का बुरा सपना एक तरह से हर प्रकार के संकट का परिचायक रहा। हमारा संकल्पपत्र बंगाल के विकास का रास्ता खोलेगा। जहां मन भययुक्त न हो सिर गर्व से ऊंचा हो गुरुदेव की इस भूमि को हम साकार करेंगे। बंगाल की जनता की नया रास्ता ढूंढेगी। ये भरोसा कानून के राज, रोजगार सोनार बांगला के निर्माण का है।
इसके आधार पर हम इस चुनाव में रचनात्मक रूप से जाना चाहते हैं। हमें भरोसा है बंगाल की जनता हमें मौका जरूर देगी। जैसा हमने संकल्पपत्र में बताया है कि हम जनता के भरोसे के आधार पर हम इसे साकार करेंगे।
यह बंगाल की खोई हुई अस्मिता हासिल करने का अभियान
केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि दस साल में नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में इसका उदाहरण स्थापित करने का काम किया है। देश के सामने की सभी समस्याओं का निराकरण करने का प्रयास किया। कश्मीर से कन्याकुमारी तक फैले पूरे देश में हर तबके हर वर्ग जाति सभी की आकांक्षाओं को संजोकर नरेंद्र मोदी ने देश की जनता के सामने रखा है। उस सपने को साकार करने के लिए दिन रात प्रयास किया है। कुछ समय पहले हमने हमारी चार्जशीट बंगाल के सामनेरखी थी। वह परिचायक थी कि 15 साल के ममता के शासन में जो घोर निराशा बंगाल की जनता में मौजूद थी।
यह शपथ पत्र परिचायक है 15 अप्रैल से 9 मई तक जो चुनावी अभियान चलने वाला है, उस रोड मैप का। यह 24 दिन का अंतराल बंगाल की जनता के सपनों को संजोने का अनुष्ठान है। बंगाल की खोई हुई अस्मिता को फिर से हासिल करने का अभियान है। पूरे देश की सुरक्षा की ढाल बंगाल बने इसका अनुष्ठान है। बंगाली नए साल के दिन हमारी यात्रा शुरू होगी।
संकल्प पत्र हर तबके को निराशा से बाहर निकलने का मार्ग
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, आज 2026 बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए संकल्प पत्र जारी किया गया है। यह संकल्प पत्र बंगाल के हर तबके में व्याप्त गहरी निराशा से बाहर निकलने का मार्ग है। यह कृषि बर्बाद होने से कई आशंकाओं से घिरे किसानों को मार्ग दिखाएगा। युवाओं और महिलाओं को आगे बढ़ने का रास्ता दिखाएगा। बंगाल की संस्कृति के गौरव की अनुभूति को यह संकल्प पत्र जनता के सामने रखेगा।
बंगाल की जनता के लिए पिछले 15 साल कालरात्रि के बुरे सपने के समान रहे हैं। बंगाल की जनता ने ममता दीदी को मेंडेट दिया, दूसरा मेंडेट भी दिया और फिर अपने घुसपैठियों व गुंडों के जरिए तीसरा मेंडेट भी हासिल किया।
भाजपा के घोषणा पत्र के 10 बड़े ऐलान
- घुसपैठ: जीरो टॉलरेंस नीति होगी।
- महिलाओं के लिए: हर महीने 3 हजार रुपए। सरकारी नौकरियों में 33% आरक्षण। 75 लाख लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य। गर्भवती महिलाओं को 21 हजार रुपए, 6 पोषण किट दी जाएंगी। राज्य संचालित बसों में सभी महिलाओं को मुफ्त यात्रा।
- महिला सुरक्षा के लिए: महिला पुलिस बटालियन, दुर्गा सुरक्षा दस्ते बनाए जाएंगे।
- बेरोजगारों के लिए: प्रत्येक बेरोजगार युवा को ₹3,000 की सहायता दी जाएगी।
- सरकारी कर्मचारियों के लिए: DA भुगतान किया जाएगा। 45 दिन के भीतर सातवें वेतन आयोग को लागू किया जाएगा।
- कॉमन सिविल कोड (UCC): 6 महीने में लागू होगा।
- 7. किसानों के लिए: धान आलू और आम की खेती योजना। 3100 रुपये के हिसाब से धान खरीदी की जाएगी। ₹9,000 की वार्षिक सहायता।
- एजुकेशन, हेल्थ के लिए: AIIMS, IIT और IIM और फैशन डिजाइनिंग संस्था अलग अलग जिले में बनाएंगे।
- गो तस्करी: गऊ माता का तस्करी पर रोक।
- टीचर और स्टूडेंट्स के लिए: टीचर्स की रेगुलर भर्ती होगी। मौजूदा टीचर्स को न्यूनतम आधार वेतन तय किया जाएगा। मेधावी छात्रों के लिए स्कॉलरशिप दी जाएगी।
AIMIM ने कबीर की पार्टी से गठबंधन तोड़ा
असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम (AIMIM) ने हुमायूं कबीर की पार्टी आम जनता उन्नयन पार्टी (AJUP) से गठबंधन तोड़ लिया है। दोनों पार्टियों ने 25 मार्च को पश्चिम बंगाल चुनाव साथ लड़ने की घोषणा की थी। अब AIMIM चुनाव में अकेले उतरेगी।
AIMIM के X हैंडल पर लिखा गया- हुमायूं कबीर के हालिया खुलासों ने यह दिखा दिया है कि बंगाल के मुसलमान कितने असुरक्षित हैं। AIMIM ऐसे किसी भी बयान से खुद को नहीं जोड़ सकती, जिसमें मुसलमानों की निष्ठा या ईमानदारी पर सवाल उठाए जाएं।