लखनऊ: उत्तर प्रदेश में आंधी, बारिश और बिजली गिरने से पिछले तीन दिनों में 15 लोगों की मौत हो गई है। शनिवार शाम को शुरू हुई बारिश रविवार को भी जारी रही। काशी, गोंडा और सल्तानपुर सहित 10 जिलों में रुक-रुक कर बारिश हुई। 40-50 किलोमीटर की रफ्तार से हवा चली।
मथुरा, संभल और हाथरस में ओले गिरे। जालौन में 24 घंटे में दूसरी बार ओलों की बारिश हुई। सड़क और खेतों में बर्फ की चादर बिछ गई। इससे गेहूं और सरसों की फसल को नुकसान हुआ है। एक किसान अपनी बर्बाद फसल देखकर सिर पकड़कर खेत में बैठ गया। उसने कहा, “मर गए… पूरी फसल बर्बाद हो गई। कुछ नहीं बचा। अब क्या खाएंगे।”
23 जिलों में बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग ने आज 23 जिलों में बारिश और 15 जिलों में ओले गिरने का अलर्ट जारी किया है। शनिवार की बात करें तो 15 जिलों में बारिश हुई। जालौन-कानपुर समेत 5 जिलों में ओले गिरे। कानपुर में आंधी से 200 से ज्यादा पेड़ और बिजली के पोल उखड़ गए। चलते ऑटो पर बरगद का पेड़ गिर पड़ा। ड्राइवर और 60 साल की महिला की मौत हो गई।
सीतापुर में बिजली गिरने से घर में आग लग गई। मां-बेटी की जिंदा जलकर मौत हो गई। सिद्धार्थनगर में बारिश और आंधी के बीच बोलेरो नहर में जा गिरी। महिला और 5 महीने के मासूम की मौत हो गई, जबकि 7 घायल हो गए।
9 अप्रैल तक ऐसा ही मौसम रहने का अनुमान
लखनऊ के मौसम वैज्ञानिक अतुल सिंह ने बताया कि पश्चिमी विक्षोभ के चलते मौसम बदल गया है। आज और कल ज्यादातर जगहों पर मौसम साफ रहने की संभावना है। 7 अप्रैल से फिर से मौसम बदलेगा। आंधी-तूफान के साथ बारिश हो सकती है। तापमान में 3 से 5 डिग्री तक गिरावट आ सकती है। 9 अप्रैल तक मौसम ऐसा ही रहने का अनुमान है।
बता दें कि पिछले 72 घंटों में आंधी-बारिश और बिजली से कानपुर में चार लोगों की मौत हुई। इसके अलावा सीतापुर में तीन, वाराणसी, चित्रकूट, सिद्धार्थनगर और ललितपुर में दो-दो लोगों की जान गई।
सीएम ने कहा– लापरवाही बर्दाश्त नहीं, अफसर अलर्ट पर रहें
वहीं, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि बारिश से किसानों को जो नुकसान हो रहा है, उसमें किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी जिलाधिकारियों से नुकसान की रिपोर्ट मांगी है। उन्होंने कहा कि सभी अधिकारी अलर्ट मोड पर रहें। सुनिश्चित करें कि आपदा का असर किसानों पर कम से कम पड़े। अगर कहीं जान-माल या पशुओं का नुकसान हुआ है, या कोई घायल हुआ है, तो 24 घंटे के भीतर मुआवजा दिलाया जाए।