तेल अवीव/तेहरान: इजराइल और अमेरिका द्वारा ईरान पर हमले का मंगलवार (03 मार्च) को चौथा दिन है। इस बीच पाकिस्तान में अमेरिकी दूतावास ने सुरक्षा कारणों से सभी वीजा अपॉइंटमेंट रद्द कर दिए हैं। पाकिस्तान में मौजूद अमेरिकी एंबेसी ने कहा है कि यह फैसला इस्लामाबाद के साथ-साथ लाहौर और कराची के दफ्तरों पर भी लागू होगा। यह आदेश 6 मार्च तक लागू रहेगा।
रविवार को कराची में अमेरिकी कॉन्सुलेट के बाहर प्रदर्शन हुआ था। इस दौरान सुरक्षाकर्मियों की फायरिंग में कम से कम 10 लोगों की मौत हो गई। यह प्रदर्शन उस खबर के बाद हुआ, जिसमें कहा गया था कि ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई की अमेरिका और इजराइल के हमलों में मौत हो गई है।
ट्रंप ने मिडिल ईस्ट खाली करने को कहा
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिकियों से मिडिल ईस्ट से जल्द से जल्द निकलने को कहा है। ट्रम्प ने कहा है कि ईरान पर अभी सबसे बड़ा हमला बाकी हैं। उन्होंने सोमवार को व्हाइट हाउस में दिए बयान में कहा कि ईरान से जंग 4-5 हफ्ते चल सकती है, लेकिन जरूरत पड़ने पर इससे ज्यादा समय तक भी अभियान जारी रहेगा।
ईरान में 742 की मौत, 750 घायल
अल-जजीरा की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका और इजराइल ने मिलकर अब तक ईरान के 1000 से ज्यादा ठिकानों पर हमले किए हैं। इस दौरान शुरुआती 30 घंटे में 2000 से ज्यादा बम गिराए गए हैं। इनमें अब तक 742 लोगों की मौत हो चुकी है, इनमें 176 बच्चे हैं। 750 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं।
28 फरवरी को शुरू हुई इस लड़ाई के पहले दिन हुई बमबारी में ईरानी सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई मारे गए थे। इसके अलावा रविवार को 3 अमेरिकी सैनिक मारे गए थे।
इजराइल ने लेबनान के 59 इलाकों को खाली करने को कहा
इजराइल ने लेबनान के 59 इलाकों के लोगों को तुरंत अपने घर छोड़ने के लिए कहा है। इजराइली सेना के प्रवक्ता अविचाय अदरई ने सोशल मीडिया पर बताया कि ये इलाके संभावित निशाने पर हो सकते हैं। इनमें ज्यादातर जगहें दक्षिणी लेबनान में हैं।
इजराइल का कहना है कि इन इलाकों में हिजबुल्लाह की एक्टिविटी हो रही हैं। इसलिए लोगों से कहा गया है कि वे कम से कम 1 किलोमीटर दूर खुले और सुरक्षित स्थान पर चले जाएं।
दावा– अमेरिका ईरान को न्यूक्लियर फ्यूल देने को तैयार था
अमेरिका के स्पेशल प्रतिनिधि स्टीव विटकॉफ ने कहा है कि ईरान के साथ परमाणु समझौते की आखिरी कोशिश भी नाकाम रही। उन्होंने बताया कि राष्ट्रपति ट्रम्प ने मुझे और अपने दामाद जेरेड कुशनर को जिनेवा भेजा था ताकि ईरान से बातचीत की जा सके। अमेरिका ने ईरान से कहा था कि वह 10 साल तक यूरेनियम इनरिचमेंट पूरी तरह बंद कर दे। बदले में अमेरिका न्यूक्लियर फ्यूल देने को तैयार था। लेकिन, ईरान ने यह प्रस्ताव मानने से इनकार कर दिया।
विटकॉफ ने कहा कि दूसरी बैठक के बाद ही साफ हो गया था कि समझौता मुश्किल है, फिर भी एक आखिरी कोशिश की गई। लेकिन वह भी सफल नहीं हुई। बातचीत टूटने के बाद अमेरिका ने इजराइल के साथ मिलकर सैन्य कार्रवाई शुरू कर दी।
इराक के इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हमला
रुदाव समाचार आउटलेट का कहना है कि इराक के कुर्दिस्तान क्षेत्र में एरबिल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के पास एक ड्रोन को मार गिराया गया है। पोस्ट किए गए फुटेज में हवाई अड्डे के पास धुआं उठते हुए एक छोटी सी आग दिखाई दे रही थी।
إسقاط جسم بالقرب من مطار أربيل ومواطنون يقولون إنه طائرة مسيرة pic.twitter.com/m3gYAYYiqs
— Rudaw عربية (@rudaw_arabic) March 3, 2026
ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को बंद किया
ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने कहा है कि उसने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को बंद कर दिया है। यह समुद्री रास्ता बहुत अहम है, क्योंकि दुनिया का बड़ा हिस्सा तेल यहीं से गुजरता है। IRGC के एक अधिकारी ने सरकारी टीवी पर कहा कि अगर कोई जहाज इस रास्ते से गुजरने की कोशिश करेगा, तो उसे रोका जाएगा और निशाना बनाया जा सकता है। भारत का करीब 50% तेल स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के रास्ते से आता है।
मिडिल ईस्ट के 6 देशों में 90 लाख भारतीय रहते हैं
2024 तक खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) के देशों में 90 लाख से ज्यादा भारतीय रहते थे। GCC में सऊदी अरब, UAE, कतर, कुवैत, ओमान और बहरीन शामिल हैं। इनमें सबसे ज्यादा भारतीय UAE और सऊदी अरब में हैं।
ये लोग वहां की अर्थव्यवस्था का अहम हिस्सा हैं। वे इंफ्रास्ट्रक्चर, हेल्थ, रिटेल, फाइनेंस, इंजीनियरिंग और बिजनेस जैसे क्षेत्रों में काम करते हैं। साथ ही, वे भारत को बड़ी मात्रा में पैसा (रेमिटेंस) भी भेजते हैं।
अमेरिका बोला– ओमान की खाड़ी में अब एक भी ईरानी जहाज नहीं बचा
अमेरिका ने कहा है कि दो दिन पहले तक गल्फ ऑफ ओमान में ईरान के 11 जहाज थे, लेकिन अब वहां एक भी ईरानी जहाज नहीं है। अमेरिका का आरोप है कि ईरान कई सालों से इस इलाके में अंतरराष्ट्रीय जहाजों को परेशान करता और उन पर हमले करता रहा है।
Two days ago, the Iranian regime had 11 ships in the Gulf of Oman, today they have ZERO. The Iranian regime has harassed and attacked international shipping in the Gulf of Oman for decades. Those days are over. Freedom of maritime navigation has underpinned American and global… pic.twitter.com/nzdkMVMqZC
— U.S. Central Command (@CENTCOM) March 2, 2026
अमेरिका ने कहा कि अब ऐसा नहीं होने दिया जाएगा। अमेरिकी सरकार का कहना है कि समुद्री रास्तों की आजादी पिछले 80 साल से दुनिया की अर्थव्यवस्था के लिए बहुत जरूरी रही है।
अमेरिका-इजराइल और ईरान जंग में अब तक क्या-क्या हुआ?
जंग की शुरुआत– 28 फरवरी सुबह
इजराइल और अमेरिका ने ईरान पर बड़े हमले शुरू किए।
टारगेटः सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह खामेनेई का कंपाउंड, न्यूक्लियर साइट्स, मिसाइल फैक्टरियां और IRGC कमांड सेंटर्स। ट्रम्प ने इसे “ऑपरेशन एपिक फ्यूरी” नाम दिया।
खामेनेई की मौत– 28 फरवरी-1 मार्च
ट्रम्प ने ऐलान किया खामेनेई मारे गए।
ईरानी स्टेट मीडिया ने भी पुष्टि की।
48+ ईरानी टॉप लीडर्स भी मारे गए।
ईरान के जवाबी हमले
ईरान ने इजराइल, UAE, कतर, बहरीन, कुवैत, जॉर्डन, सऊदी अरब और इराक में अमेरिकी बेस पर सैकड़ों मिसाइल-ड्रोन दागे।
लेबनान में हिजबुल्लाह भी जंग शामिल हो गया।
UAE और सीरिया में सिविलियन मौतें, इजराइल में कुछ हिट्स
1-2 मार्च: दोनों तरफ से हमले तेज हुए
अमेरिका-इजराइल ने 2,000+ टारगेट्स पर हमले किए
ईरान का 50% मिसाइल स्टॉक का नष्ट, 9 नेवी जहाज डूबे
अमेरिका ने ईरान पर B-2 बॉम्बर्स से हमला किया और एयर सुपीरियॉरिटी हासिल।
ईरान में 550+ मौतें, 747+ घायल।
अमेरिका को भी नुकसान हुआ
पहली बार 3 अमेरिकी सैनिक मारे गए, 4 गंभीर घायल
कुवैत में फ्रेंडली फायर में 3 US फाइटर जेट गिराए गए।
ट्रम्प ने कहा ” हमले हफ्ते भर या जरूरत तक चलेंगे।”
अमेरिका और इजराइल ने और फोर्सेस भेजीं।