Unnao Rape Case: उन्नाव दुष्कर्म मामले के दोषी पूर्व विधायक कुलदीप सिंह सेंगर ने पीड़िता के पिता की हिरासत में मौत के मामले में जमानत के लिए सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है। सुप्रीम कोर्ट इस याचिका पर 09 फरवरी को सुनवाई करेगा। इस मामले में ट्रायल कोर्ट ने कुलदीप सेंगर को 10 साल की सजा सुनाई थी।
इससे पहले 18 जनवरी को दिल्ली हाई कोर्ट ने सेंगर की जमानत याचिका खारिज कर दी थी। हाई कोर्ट के इसी फैसले को अब सेंगर ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। गौरतलब है कि इससे पहले रेप मामले में दिल्ली हाई कोर्ट द्वारा दी गई जमानत पर सुप्रीम कोर्ट पहले ही रोक लगा चुका है।
दिल्ली हाईकोर्ट ने किया था इनकार
दरअसल, 19 जनवरी को दिल्ली हाई कोर्ट ने हिरासत में मौत के मामले में सेंगर की 10 साल की सजा निलंबित करने से इनकार कर दिया था। हालांकि, 23 दिसंबर 2025 को सेंगर को रेप मामले में जमानत मिली थी, लेकिन 29 दिसंबर को सुप्रीम कोर्ट ने उस आदेश पर रोक लगा दी थी।
कुलदीप सिंह सेंगर 13 अप्रैल, 2018 से जेल में बंद हैं। वह उन्नाव रेप पीड़िता के पिता की हिरासत में मौत के मामले में 10 साल की सजा के साथ-साथ नाबालिग से रेप के मामले में आजीवन कारावास की सजा भी काट रहे हैं।
समझिए पूरा मामला
यह पूरा मामला वर्ष 2018 में उन्नाव जिले के माखी थाना क्षेत्र में दर्ज एफआईआर से जुड़ा है। मामले की सुनवाई दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट में हुई थी। पीड़िता के आरोप के अनुसार, 4 जून 2017 को नौकरी दिलाने के बहाने उसे कुलदीप सेंगर के घर ले जाया गया, जहां उसके साथ रेप किया गया।
पीड़िता के पिता की मौत को लेकर अदालत ने यह पाया था कि 3 अप्रैल 2018 को जब परिवार कोर्ट में पेशी के लिए उन्नाव गया था, तब आरोपियों ने पीड़िता के पिता पर दिनदहाड़े हमला किया। इसके अगले दिन पुलिस ने उन्हें अवैध हथियार रखने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया। बाद में 9 अप्रैल 2018 को पुलिस हिरासत में गंभीर चोटों के चलते उनकी मौत हो गई थी।