प्रयागराज: प्रयागराज माघ मेले में रविवार (01 फरवरी) को माघ पूर्णिमा का स्नान है। संगम नोज पर आज सुबह 4 बजे से जबरदस्त भीड़ है। अब तक 1.20 करोड़ लोगों ने संगम में डुबकी लगाई है। हालांकि, प्रशासन ने 55 से 60 लाख श्रद्धालुओं के स्नान करने का ही अनुमान जताया था।
साधुओं ने त्रिशूल और डमरू लहराकर संगम में स्नान किया। हर-हर महादेव के जयकारे लगाए। मौनी बाबा 1.5 किमी लेटते हुए पहुंचे। संगम में पुलिसवाले भीड़ को चेन बनाकर बांट रहे हैं। लगातार अनाउंस कर रहे हैं कि स्नान करने के बाद तुरंत घाट खाली कर दें। VIP मूवमेंट पूरी तरह से रोक दिया गया है।
15 फरवरी तक चलेगा माघ मेला
सुबह इतना घना कोहरा छाया रहा कि लोग एक-दूसरे का हाथ पकड़कर चलते दिखाई दिए। इस बार माघ मेला 8000 हेक्टेयर क्षेत्र में बसा है। मेले की निगरानी AI तकनीक से की जा रही है। माघ पूर्णिमा के बाद अब सिर्फ महाशिवरात्रि (15 फरवरी) का स्नान और रहेगा। हर साल माघ मेले की शुरुआत पौष पूर्णिमा से होती है, जो महाशिवरात्रि तक चलती है।
वहीं, ज्योतिषाचार्य आशुतोष वार्ष्णेय ने बताया कि आज त्रिवेणी के जल को अमृत के समान माना जाता है। तारों के छिपने से पहले स्नान करने का विशेष महत्व बताया गया है। मान्यता है कि इससे देवताओं की कृपा मिलती है। पाप नष्ट होते हैं। स्नान से पहले ‘त्रिवेण्ये नम:’ का उच्चारण करना चाहिए। फूल अर्पित करने चाहिए और जरूरतमंदों को दान देना चाहिए। मान्यता है कि इसके बिना व्यक्ति को मोक्ष नहीं मिलता।
झूंसी बस अड्डे से 2250 बस चलेंगी
यूपी रोडवेज मेले में इस बार 3800 बसों का संचालन किया जा रहा है। इनमें से 2250 बसों का संचालन झूंसी से हो रहा है। साथ ही, शहर से अलग-अलग एरिया के लिए भी शटल बसों का संचालन किया जा रहा है। झूंसी में बसों के संचालन की वजह से संगम क्षेत्र में जाम की समस्या कम हो गई है।
435 बसें- लखनऊ, रायबरेली, उन्नाव, बस्ती, अयोध्या, प्रतापगढ़, सुलतानपुर और फैजाबाद के लिए संचालित हों रही है।
50 बसें- मिर्जापुर के लिए चल रही है।
410 बसें– कानपुर, कौशांबी और दिल्ली के लिए चल रही है।