उत्तर प्रदेश, राजनीति

पश्चिमी यूपी के 15 शहरों में आंधी और बारिश, पूर्वांचल में भीषण कोहरा; 31 जिलों में अलर्ट

पश्चिमी यूपी के 15 शहरों में आंधी और बारिश, पूर्वांचल में भीषण कोहरा; 31 जिलों में अलर्ट

लखनऊ: पश्चिमी उत्‍तर प्रदेश में बरेली, आगरा और मेरठ सहित 15 जिलों में देर रात से रुक-रुक कर बारिश हो रही है। मुजफ्फरनगर, बिजनौर, शामली और अमरोहा में ओले भी गिरे। ओले से सड़क पर सफेद चादर बिछ गई। लोगों ने फावड़े से बर्फ को हटाया। सैकड़ों बीघा खड़ी फसलें गिर गईं।

पूर्वांचल में भीषण कोहरा छाया है। लखनऊ, बाराबंकी, प्रयागराज सहित 25 जिले बारिश जैसे कोहरे की चपेट में हैं। सड़कों पर सन्नाटा रहा। गाड़ियों से निकले लोगों के हाथ सुन्न हो जा रहे हैं। सड़क किनारे लोग अलाव तापते नजर आए। बर्फीली हवाओं से ठंड लौट आई है। कोहरे के चलते सड़क, रेल और हवाई यातायात एक बार फिर बुरी तरह प्रभावित हुए।

31 जिलों में बारिश का अलर्ट

लखनऊ, कानपुर सहित तमाम रेलवे स्टेशनों पर 30 से ज्यादा ट्रेनें लेट हैं। एयरपोर्ट पर उड़ानें देरी से उड़ीं। 24 घंटे में 4 सड़क हादसे हुए। 15 गाड़ियां टकराईं। 20 लोग घायल हुए। मौसम विभाग ने आज 31 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है। महाराजगंज, सिद्धार्थ नगर समेत 18 जिलों में कोल्ड-डे की चेतावनी है। अगले 3 दिन मौसम बिगड़ा हुआ ही रहेगा।

लखनऊ के मौसम वैज्ञानिक अतुल सिंह ने बताया कि पहाड़ी इलाकों पर बर्फबारी के बाद वहां से आ रही ठंडी और शुष्क उत्तर-पश्चिमी हवा ने ठंड बढ़ा दी है। पिछले 48 घंटों के दौरान तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। अभी ठंड और बढ़ेगी। हरदोई 6.5 डिग्री सेल्सियस के साथ सबसे ठंडा रहा।

अचनाक क्यों बदला मौसम?

लखनऊ के मौसम वैज्ञानिक महेश पलावत के मुताबिक, नया पश्चिमी विक्षोभ 2 फरवरी तक उत्तर-पश्चिम भारत को प्रभावित करेगा। इससे हिमालय क्षेत्र में तेज बारिश और बर्फबारी होगी। गंगा के मैदानी इलाकों में ठंड बढ़ेगी। तापमान में कमी और शीतलहर की स्थिति बन सकती है।

फसलों को भारी नुकसान

कृषि विशेषज्ञों सिद्धार्थ सिंह ने बताया कि तेज हवा के साथ अगर गेहूं की फसल गिर रही है तो दाने हल्के हो जाएंगे। इससे उत्पादन में 20% तक की कमी आ सकती है। गन्ने की फसल भी काफी हद तक गिर गई है, जिससे गन्ने के खराब होने और उत्पादन घटने की आशंका बढ़ गई है।

सरसों और सब्जियों की फसल को भी इस बारिश ने गंभीर नुकसान पहुंचाया है। खेतों में अधिक पानी भर जाने से सरसों की फलियां जमीन पर गिर गईं, जिससे दाना खराब होने का खतरा है। सब्जी की खेती करने वाले किसानों को इस बारिश से सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है।

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