Uttarakhand: उत्तराखंड में स्थित चार धाम को हिंदू धर्म में सबसे पवित्र स्थानों के रूप में जाना जाता है। ये चार धाम हैं- यमुनात्री, गंगोत्री, केदारनाथ और बद्रीनाथ। अब गंगोत्री से धाम से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। उत्तराखंड में गंगोत्री धाम में गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर रोक लगा दी गई है। श्री गंगोत्री मंदिर समिति के चेयरमैन ने इस फैसले के बारे में जानकारी दी है। आइए जानते हैं पूरा मामला।
मंदिर समिति की बैठक में सर्वसम्मति से फैसला
जानकारी के मुताबिक, उत्तराखंड के गंगोत्री धाम में गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर पाबंदी लगाने का फैसला रविवार को हुई श्री गंगोत्री मंदिर समिति की बैठक में सर्वसम्मति से लिया गया है। मंदिर समिति की ओर से जानकारी दी गई है कि यह पाबंदी सिर्फ गंगोत्री धाम पर ही नहीं, बल्कि मां गंगा के शीतकालीन निवास मुखबा पर भी लागू होगी।
Uttarakhand | Non-Hindus have been prohibited from entering Gangotri Dham in Uttarakhand. The decision was taken unanimously during a meeting of the Shri Gangotri Temple Committee held on Sunday. This restriction will apply not only to Gangotri Dham but also to Mukhba, the winter…
— ANI UP/Uttarakhand (@ANINewsUP) January 26, 2026
मुखबा में भी लागू रहेगा फैसला
श्री गंगोत्री मंदिर समिति के चेयरमैन सुरेश सेमवाल ने गंगोत्री धाम में गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर रोक के इस फैसले के बारे में जानकारी दी है। उन्होंने बताया है कि फैसले के मुताबिक, धाम में गैर-हिंदुओं का प्रवेश पूरी तरह से प्रतिबंधित रहेगा। उन्होंने आगे ये भी बताया है कि यह प्रतिबंध देवी के शीतकालीन निवास मुखबा में भी लागू रहेगा।
गंगोत्री धाम के कपाट फिलहाल बंद
आपको बता दें कि गंगोत्री धाम के कपाट फिलहाल श्रद्धालुओं के लिए बंद हैं। सर्दी के मौसम में में बर्फबारी और भीषण ठंड की चपेट में आने के कारण चारों धाम के कपाट हर साल अक्तूबर-नवंबर में श्रद्धालुओं के लिए बंद कर दिए जाते हैं। कपाट को अगले साल अप्रैल-मई में फिर खोला जाता है। सर्दियों में छह महीने तक मंदिर के बंद रहने के दौरान श्रद्धालु मां गंगा की पूजा अर्चना उनके शीतकालीन प्रवास स्थल मुखबा गांव में करते हैं।
बद्रीनाथ–केदारनाथ में भी आएगा फैसला?
इस फैसले पर चर्चा के बीच अब, श्री बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के चेयरमैन हेमंत द्विवेदी ने भी इस फैसले पर बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि दोनों धामों और मंदिर समिति के तहत आने वाले सभी मंदिरों में गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर रोक लगाने का प्रस्ताव आने वाली बोर्ड बैठक में पेश किया जाएगा।