- – प्रदेश के 18 मंडलों में 54 स्थानों पर एक साथ होंगे नुक्कड़ नाटकों के आयोजन
UP Diwas 2026: यूपी दिवस के अवसर पर प्रदेशभर में जनजागरण को एक सशक्त सांस्कृतिक स्वर देने की तैयारी की गई है। 24 जनवरी को यूपी दिवस के उपलक्ष्य में सूचना एवं जनसंपर्क विभाग द्वारा नामित ‘ए’ श्रेणी के नुक्कड़ नाटक दलों के माध्यम से प्रदेश के विभिन्न जनपदों में व्यापक स्तर पर नुक्कड़ नाटकों का आयोजन किया जाएगा। इसका उद्देश्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं, उपलब्धियों और सामाजिक सरोकारों को आमजन तक सरल, प्रभावी और संवादात्मक माध्यम से पहुंचाना है। यूपी दिवस पर यह सांस्कृतिक पहल न केवल प्रदेश की समृद्ध लोकनाट्य परंपरा को सशक्त करेगी, बल्कि सरकार और जनता के बीच संवाद का सेतु भी बनेगी। नुक्कड़ नाटक जैसे प्रभावी माध्यम के जरिए जनजागरण का यह अभियान यूपी दिवस को एक अर्थपूर्ण, जीवंत और जनभागीदारी से जुड़ा उत्सव बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
बता दें कि प्रदेश के सभी 18 मंडलों के अंतर्गत चयनित जनपदों में यह अभियान चलाया जाएगा। प्रत्येक मंडल में तीन-तीन स्थानों पर नुक्कड़ नाटकों का मंचन किया जाएगा, जिससे कुल 54 स्थानों पर नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किए जाएंगे। इन नाटकों के माध्यम से शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण, सामाजिक कुप्रथाओं के विरुद्ध जागरूकता, जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी तथा नागरिक कर्तव्यों जैसे विषयों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया जाएगा।
‘नुक्कड़ नाटक जनसंवाद का प्रभावी माध्यम हैं, जिनसे सरकारी योजनाओं और सामाजिक संदेशों को सीधे जनता तक पहुंचाया जा सकता है। यूपी दिवस पर यह पहल जन-जागरूकता और सहभागिता को और सशक्त बनाएगी।’
संदीप सिंह, बेसिक शिक्षा मंत्री, उत्तर प्रदेश
कार्यक्रम का समन्वय करेंगे BSA
जारी निर्देशों के अनुसार, कार्यक्रम का समन्वय संबंधित जनपद के जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी के माध्यम से किया जाएगा। प्रत्येक जनपद में आयोजन स्थलों का चयन पूर्व में किया जाएगा ताकि अधिकतम जनभागीदारी सुनिश्चित की जा सके। कार्यक्रम की गुणवत्ता एवं अनुशासन सुनिश्चित करने के लिए प्रत्येक प्रस्तुति के दौरान एक नामित अधिकारी की उपस्थिति भी अनिवार्य की गयी है। कार्यक्रम के व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए प्रिंट मीडिया, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया, सोशल मीडिया तथा विभागीय माध्यमों का उपयोग किया जाएगा। नुक्कड़ नाटकों के आयोजन के दौरान जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों, शिक्षाविदों एवं स्थानीय नागरिकों की सहभागिता भी सुनिश्चित की जाएगी, जिससे यूपी दिवस को जनसंवाद और जनसरोकारों के उत्सव के रूप में मनाया जा सके।
‘यूपी दिवस पर आयोजित नुक्कड़ नाटकों के माध्यम से शिक्षा, सामाजिक चेतना और नागरिक दायित्वों का संदेश प्रभावी ढंग से दिया जाएगा। कार्यक्रम को सुव्यवस्थित, उद्देश्यपरक और अधिकतम जनभागीदारी सुनिश्चित करते हुए आयोजित किया जा रहा है।’
– मोनिका रानी, महानिदेशक, स्कूल शिक्षा, उत्तर प्रदेश