उत्तर प्रदेश, राजनीति

देवरिया जेल में बिगड़ी पूर्व IPS अमिताभ ठाकुर की तबीयत, देर रात 2 बजे गोरखपुर रेफर

देवरिया जेल में बिगड़ी पूर्व IPS अमिताभ ठाकुर की तबीयत, देर रात 2 बजे गोरखपुर रेफर

देवरिया: देवरिया जिला जेल में बंद पूर्व आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर की मंगलवार देर रात अचानक तबीयत बिगड़ गई। सीने में तेज दर्द और बेचैनी की शिकायत होने पर उन्‍हें जेल प्रशासन ने तत्काल देवरिया मेडिकल कॉलेज पहुंचाया। शुरुआती जांच के बाद डॉक्टर्स ने उनकी हालत गंभीर देखते हुए रात 2 बजे गोरखपुर मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया।

सूत्रों के अनुसार, गोरखपुर में जांच के दौरान डॉक्टर्स ने हार्ट अटैक की आशंका जताई है। फिलहाल उनका इलाज विशेषज्ञ डॉक्टरों की मॉनिटरिंग में चल रहा है। अमिताभ ठाकुर धोखाधड़ी मामले में 10 दिसंबर से न्यायिक हिरासत में हैं। मंगलवार को ही मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (CJM) की कोर्ट ने उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी थी। बताया जा रहा है कि वो इसके बाद से परेशान थे।

डिनर के बाद बिगड़ी तबीयत

जानकारी के अनुसार, मंगलवार दोपहर 1 बजे कोर्ट में पेशी के बाद उन्हें शाम 3 बजे वापस जेल लाया गया। रात 9.30 बजे उन्होंने डिनर किया। दो रोटी और सब्जी खाई। इसके बाद कुछ लिखते रहे। रात 12 बजे के आसपास अचानक उनके सीने में तेज दर्द हुआ। बेचैनी होने लगी। इसके बाद उन्हें अस्पताल पहुंचाया गया।

3 दिन पहले कोर्ट ने अफसरों को लगाई थी फटकार

चार दिन पहले यानी 03 दिसंबर को अमिताभ ठाकुर की देवरिया सीजेएम कोर्ट में पेशी हुई थी। उनकी जमानत पर 30 मिनट तक बहस हुई थी। इस दौरान लखनऊ से आए जांच अधिकारी (IO) कोई ठोस सबूत पेश नहीं कर सके। इस पर जज ने जांच अधिकारी को फटकार लगाई। कहाअब तक की जांच में ऐसा कोई ठोस सबूत सामने नहीं आया है, जिससे साबित हो कि अमिताभ ठाकुर की गिरफ्तारी आवश्यक थी।

अजय राय ने दावा किया था- अमिताभ ठाकुर की हालत नाजुक

चार दिन पहले यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने अमिताभ ठाकुर का एक वीडियो पोस्ट किया था। इसमें उन्होंने दावा किया था कि जेल में भी अमिताभ ठाकुर के साथ बदसलूकी और उत्पीड़न जारी है। उनकी हालत बेहद नाजुक हो गई है और उनकी जान को खतरा बना हुआ है, लेकिन सत्ता और सिस्टम खामोश हैं।

‘मुझे लगा कि एनकाउंटर न कर दें…’

पेशी के दौरान कोर्ट के बाहर अमिताभ ठाकुर ने कहा- मुकदमा दर्ज होने के अगले ही दिन मुझे रात 2 बजे अचानक गिरफ्तार कर लिया गया। रात के सन्नाटे में जिस तरह से मुझे उठाया गया, उससे मुझे लगा कि कहीं मेरा एनकाउंटर न कर दिया जाए। उस रात मैं वास्तव में काफी घबरा गया था।

चुनिंदा कार्रवाई करते हुए सिर्फ मुझे निशाना बनाया गया। जैसे ही मैंने धनंजय सिंह से जुड़े तथ्यों और आरोपों को सार्वजनिक किया। इसके बाद से ही साजिश रची जाने लगी। मैंने वाराणसी के कुछ बड़े भाजपा नेताओं के नाम भी सामने रखे थे, जिसके तुरंत बाद वाराणसी में मेरे ऊपर मुकदमा दर्ज कर दिया गया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *