UP News: उत्तर प्रदेश पुलिस ने बीते वर्ष अपराध और भ्रष्टाचार के मोर्चों पर कैसा प्रदर्शन किया, इसी को पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) राजीव कृष्ण ने बताया है। डीजीपी राजीव कृष्ण ने पुलिस मुख्यालय में आयोजित एक प्रेस वार्ता में बताया, पुलिस ने आतंकवादियों, माफिया, साइबर अपराधियों, ड्रग सिंडिकेट और भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ कड़े कदम उठाए। उन्होंने कहा कि नए वर्ष में पुलिस विभाग का मुख्य ध्यान आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास और महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराधों की रोकथाम पर रहेगा। डीजीपी ने बताया कि प्रदेश सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत पिछले साढ़े आठ वर्षों में 266 अपराधियों को मार गिराया गया, जबकि 10990 घायल हुए। इस दौरान अपराधियों से लोहा लेते हुए 18 पुलिसकर्मी शहीद हुए और 1783 घायल हुए। विगत वर्षों में 33 हजार से अधिक इनामी अपराधियों को गिरफ्तार किया गया।
डीजीपी ने बताया, 68 माफिया और उनके गिरोहों पर कार्रवाई करते हुए 4137 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति जब्त या ध्वस्त की गई। इसमें माफिया डॉन अतीक अहमद की 50 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति भी शामिल है। भ्रष्टाचार के मामलों में भी पुलिस ने कड़ी कार्रवाई की है। पिछले तीन वर्षों में 687 ट्रैप की कार्रवाई की गई, जिसमें 2025 में 41 सरकारी कर्मचारियों को रिश्वत लेते पकड़ा गया।
कई अपराध हुए कम
वर्ष 2016 की तुलना में वर्ष 2025 में डकैती की घटनाओं में लगभग 90 प्रतिशत, लूट में 84 प्रतिशत की कमी आई है। अपराध के मामले में उत्तर प्रदेश राष्ट्रीय स्तर पर 20वें स्थान पर है और कई गंभीर अपराधों में प्रदेश की अपराध दर राष्ट्रीय औसत से काफी कम है। अपराधियों को शीघ्र सजा दिलाने के उद्देश्य से शुरू किए गए ऑपरेशन कनविक्शन के भी सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। मिशन शक्ति केंद्रों की स्थापना के बाद बलात्कार, दहेज हत्या, घरेलू हिंसा और महिलाओं व बच्चों के अपहरण जैसे अपराधों में तीन महीनों के भीतर 34 प्रतिशत तक की कमी दर्ज की गई है।
साइबर अपराध, आतंकी नेटवर्क पर कार्रवाई
वर्ष 2025 में साइबर अपराध के मामलों में 325 करोड़ रुपये से अधिक की राशि फ्रीज कराई गई, और 77621 मोबाइल नंबर तथा 17692 आईएमईआई नंबर ब्लॉक किए गए। एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स ने 12800 करोड़ रुपये से अधिक कीमत के मादक पदार्थ जब्त किए और 21 अंतरराज्यीय मादक पदार्थ गिरोहों का भंडाफोड़ किया। कोडीनयुक्त कफ सिरप के अवैध कारोबार पर भी सख्त कार्रवाई की गई। आतंकवाद निरोधक दस्ते (एटीएस) ने हिजबुल मुजाहिदीन, अल कायदा इंडिया सब कॉन्टिनेंट, जैश-ए-मोहम्मद और खालिस्तानी आतंकियों के साथ-साथ आईएसआई एजेंटों और नक्सलियों के खिलाफ भी कार्रवाई कर प्रदेश की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया है।