लखनऊ: जनवरी महीने में प्रयागराज में माघ मेले का आयोजन होने जा रहा है, जिसे लेकर परिवहन व्यवस्था को अंतिम रूप दे दिया गया है। श्रद्धालुओं की आवाजाही को सुचारु बनाए रखने के लिए लखनऊ रोडवेज की 300 बसें प्रयागराज रूट पर लगाई गई हैं। इन बसों के संचालन और निगरानी के लिए 30 अधिकारियों और कर्मचारियों की विशेष ड्यूटी भी लगाई गई है।
रोडवेज के क्षेत्रीय प्रबंधक आर के त्रिपाठी ने बताया कि माघ मेले के मद्देनजर शुरुआत में 500 बसें चलाने की योजना बनाई गई थी। हालांकि, बाद में आकलन के आधार पर योजना में संशोधन करते हुए फिलहाल 300 बसें ही लगाए जाने का निर्णय लिया गया। यह संख्या स्थायी नहीं है और आवश्यकता पड़ने पर इसे बढ़ाया जाएगा।
लखनऊ के सात डिपो से भेजी गईं बसें
माघ मेला के लिए रायबरेली, चारबाग, कैसरबाग, अवध, आलमबाग, हैदरगढ़ और बाराबंकी डिपो से बसों को लगाया गया है। इनमें अकेले लखनऊ डिपो की 100 बसें शामिल हैं। इन बसों को प्रयागराज के प्रमुख मार्गों और स्नान पर्वों के अनुसार संचालित किया जाएगा।
रोडवेज अधिकारियों का कहना है कि स्नान पर्वों और विशेष तिथियों पर श्रद्धालुओं की संख्या में अचानक वृद्धि होती है। ऐसे में जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त बसें तुरंत उतारी जाएंगी। बस संचालन की नियमित समीक्षा की जाएगी, जिससे किसी भी मार्ग पर यात्रियों को लंबा इंतजार न करना पड़े।
यात्रियों को परेशानी न हो, यह प्राथमिकता
परिवहन निगम का दावा है कि माघ मेला के दौरान श्रद्धालुओं को आवाजाही में किसी तरह की दिक्कत न हो, इसके लिए कंट्रोल रूम के माध्यम से बसों की निगरानी की जाएगी। अधिकारियों और कर्मचारियों की तैनाती भी इसी उद्देश्य से की गई है, ताकि किसी भी स्थिति में त्वरित निर्णय लेकर बसों की संख्या और रूट में बदलाव किया जा सके।