नई दिल्ली: भारत में आर्थिक अपराधी घोषित ललित मोदी ने सोमवार (29 दिसंबर) को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर पोस्ट करते हुए भारत सरकार से माफी मांगी। 22 दिसंबर के वायरल वीडियो पर माफी मांगते हुए ललित ने लिखा- ‘मेरे बयान से यदि किसी की भावनाएं आहत हुई हों, खासकर भारत सरकार की, तो मैं इसके लिए माफी चाहता हूं। बयान का आशय वैसा नहीं था, जैसा उसे समझा गया। किसी भी गलतफहमी के लिए फिर से माफी मांगता हूं।’
I apologise if I have hurt anyone feelings especially the Indian Government who I have the highest respect and regard for. The statement was misconstrued and was never intended to be as played out. Once again my deepest apologies
— Lalit Kumar Modi (@LalitKModi) December 29, 2025
दरअसल, ललित मोदी के X अकाउंट पर 22 दिसंबर को वीडियो अपलोड किया गया था। इसमें वो भगोड़े विजय माल्या के साथ नजर आया था। वीडियो में ललित ने खुद को और माल्या को भारत के दो सबसे बड़े भगोड़े कहा था। वीडियो वायरल होने के 9 दिन बाद अब ललित ने वीडियो पर माफी मांगी।
2016 से ब्रिटेन में है विजय माल्या
माल्या 2016 से ब्रिटेन में है और 2019 में उसे आधिकारिक तौर पर भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित किया गया था। वहीं, ललित मोदी 2010 से विदेश में रह रहा है और उस पर टैक्स चोरी, मनी लॉन्ड्रिंग और आईपीएल से जुड़े गंभीर आरोप हैं।
जानिए पूरा मामला
22 दिसंबर को विजय माल्या और ललित मोदी का वीडियो वायरल हुआ। इसमें ललित मोदी खुद और माल्या को भारत के दो सबसे बड़े भगोड़े कह रहा है। वीडियो माल्या के जन्मदिन का था। इसे ललित मोदी ने खुद पोस्ट किया था। लिखा था- ‘चलो, फिर से इंटरनेट हिला देता हूं। खासकर आप मीडिया वालों के लिए। जलन के साथ देखते रहिए।’ वीडियो में माल्या अपनी पार्टनर पिंकी लालवानी के साथ मुस्कुराते नजर आए थे।
बॉम्बे हाईकोर्ट में मंगलवार को हुई माल्या की याचिका पर सुनवाई
बॉम्बे हाईकोर्ट में को माल्या की याचिका पर सुनवाई हुई। याचिका में माल्या ने खुद को भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित करने के आदेश को चुनौती दी है। कोर्ट ने माल्या के वकील से पूछा कि वह (माल्या) भारत कब लौटेंगे। चीफ जस्टिस श्री चंद्रशेखर और जस्टिस गौतम अंखाड की बेंच ने कहा था कि माल्या फिलहाल भारतीय अदालत के अधिकार क्षेत्र से बाहर हैं। ऐसे में उनकी याचिका पर सुनवाई नहीं हो सकती।
इस दौरान प्रवर्तन निदेशालय (ED) की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने दलील दी थी कि विदेश में रहकर कानून को चुनौती देने की इजाजत नहीं दी जानी चाहिए। उन्होंने बताया कि माल्या के प्रत्यर्पण की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। माल्या के वकील ने दावा किया कि बैंकों की वित्तीय देनदारी काफी हद तक वसूल हो चुकी है, लेकिन कोर्ट ने कहा कि आपराधिक जिम्मेदारी बिना अदालत के सामने आए खत्म नहीं की जा सकती। अब इस मामले की अगली सुनवाई 12 फरवरी को होगी।