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संघ को BJP के चश्मे से देखना बहुत गलत, इसे अनुभव करना पड़ेगा: मोहन भागवत  

संघ को BJP के चश्मे से देखना बहुत गलत, इसे अनुभव करना पड़ेगा: मोहन भागवत  

नई दिल्‍ली: राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत ने कोलकाता में संघ के 100 साल पूरे होने के मौके पर रखे गए संवाद कार्यक्रम में हिस्‍सा लिया। इस दौरान उन्होंने हिंदुओं, राजनीति और संघ के कामों पर भी अपनी बात रखी। भागवत ने कहा कि संघ को BJP के लेंस से देखने की कोशिश न करें। संघ सिर्फ एक सर्विस ऑर्गनाइजेशन नहीं है, संघ को समझना है तो संघ को ही देखना पड़ता है।

मोहन भागवत ने कहा कि बहुत से लोगों की प्रवृत्ति रहती है कि संघ को BJP के चश्मे से समझना। यह बहुत बड़ी गलती होगी। संघ को देखकर नहीं समझ सकते, उसे अनुभव करना पड़ेगा। भागवत का यह बयान तब आया है, जब जर्मनी में राहुल गांधी ने उन्हें लेकर कहा था, ‘RSS चीफ खुले तौर पर कह रहे हैं कि सच नहीं, ताकत महत्वपूर्ण है।’

संघ को BJP के चश्मे से देखना बहुत गलत, इसे अनुभव करना पड़ेगा: मोहन भागवत  

मोहन भागवत की स्पीच की बड़ी बातें

  • संघ का मकसद हिंदू समाज को संगठित करना है, यह किसी के खिलाफ नहीं है। अगर आप एक्सरसाइज कर रहे हैं तो इसका मतलब यह नहीं कि आप किसी पर हमला करने की योजना बना रहे हैं, आप बस खुद को फिट रख रहे हैं।
  • संघ के जैसा दूसरा संगठन नहीं है। तुलना करते हैं तो गलतफहमी होगी। हम लोग गणवेश में संचलन करते हैं तो अगर इसे पैरामिलिट्री कहें तो गलत होगा।
  • संघ का गठन भारतीय समाज को तैयार करने के लिए किया गया था, ताकि भारत एक बार फिर विश्वगुरु बन सके। संघ किसी राजनीतिक मकसद, गुस्से या मुकाबले की भावना से नहीं बना था।
  • इसे हिंदू समाज के संगठन, प्रगति और सुरक्षा के लिए शुरू किया गया था, साथ ही भारत के मूल्यों और चरित्र को बनाए रखने के लिए। क्योंकि भारत सिर्फ एक भूगोल नहीं है, यह एक परंपरा और जीवन जीने का तरीका है।
  • हिंदुओं ने हमेशा इस देश के लिए खुद को जिम्मेदार माना है। इस देश में जो भी अच्छा या बुरा होता है, जो लोग खुद को हिंदू नहीं मानते, उनसे शायद ही कभी सवाल किया जाता है। लेकिन जो लोग गर्व से खुद को हिंदू कहते हैं, उनसे हमेशा पूछा जाएगा कि उन्होंने अपने देश के लिए क्या किया है।
  • दुनिया के किसी स्वयंसेवी संगठन का इतना विरोध नहीं हुआ जितना संघ का हुआ। हमले हुए और हत्याएं भी हुई लेकिन स्वयंसेवक आगे बढ़े। एक भी स्वयंसेवक के मन में इसको लेकर कटुता का भाव नहीं है।
  • दुनिया में भारत के ही लोग सभी विविधताओं को स्वीकार करते हैं, सम्मान करते हैं। ये इस देश की विशेषता है।

RSS चीफ सच को नहीं, ताकत को महत्व देते हैं: राहुल गांधी

कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने पिछले दिनों जर्मनी की राजधानी बर्लिन में राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (RSS) चीफ मोहन भागवत की आलोचना करते हुए एक बयान दिया था। राहुल ने कहा था- RSS चीफ खुले तौर पर कह रहे हैं कि सच्चाई का कोई महत्व नहीं है, ताकत महत्वपूर्ण है। इसलिए यही उनमें और हममें अंतर है।

राहुल गांधी ने कहा था कि हमारी पूरी संस्कृति सत्य पर आधारित है। आप किसी भी धर्म को देख लें, मूल रूप से वे यही कहते हैं कि सत्य का पालन करो। कांग्रेस, महात्मा गांधी और आप सभी, हम भारत के सत्य की रक्षा करते हैं, लेकिन RSS ऐसा नहीं करता।

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