बरेली: श्री राममूर्ति स्मारक कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग एण्ड टेक्नोलॉजी के फैक्लटी ऑफ मैनेजमेंट साइंस विभाग में शनिवार को ‘BRAINSPARK-25: The Seminar Challange Currency Crossroads Who commands the future of Global Finance?’ का आयोजन हुआ। इसका शुभारंभ ट्रस्ट सचिव आदित्य मूर्ति, ट्रस्ट एडवाइजर ई. सुभाष मेहरा, प्राचार्य प्रो० प्रभाकर गुप्ता, ट्रेनिंग एण्ड प्लेसमेन्ट डायरेक्टर डॉ० अनुज कुमार, एसआरएमएस सीई एण्ड आर डीन एकेडिमिक्स डॉ. शैलेश सक्सेना, उप प्राचार्य डॉ. रितु सिंह, डीन स्टूडेंट वेलफेयर डॉ. सौरभ गुप्ता ने दीप प्रज्वलन करके किया।
इस अवसर पर संस्था के प्राचार्य डॉ. प्रभाकर गुप्ता ने सेमिनार पर अपने विचार व्यक्त करते हुए प्रतिभागियों को शुभकामना दी। फैक्लटी मैनेजमेन्ट साइंस के विभागाध्यक्ष डॉ. अनुज कुमार ने बताया कि डिजिटल करेंसी क्रिप्टो और वैश्विक शक्ति संतुलन मिलकर तय करेंगे कि भविष्य के वैश्विक वित्त पर किसका नियंत्रण होगा। ई. सुभाष मेहरा ने थिंक डीप स्पीक बोल्ड लीड फर्वड पर अपने विचार प्रस्तुत किए। मुख्य अतिथि आदित्य मूर्ति ने अपने विचार साझा किए और विभिन्न संस्थाओं से आए सभी छात्र-छात्राओं को प्रोत्साहित किया।
छात्र-छात्राओं ने भी साझा किए विचार
कार्यक्रम में डॉ. रीना अग्रवाल, प्रोफेसर डिपार्टमेन्ट ऑफ इक्नामिक्स, प्रो. (डॉ.) सौरभ गुप्ता, डॉ. मो. दानिस चिस्ती जज की भूमिका में उपस्थित रहे। कार्यक्रम में विभिन्न संस्थाओं के छात्र-छात्राओं ने पावरप्वाइंट प्रेजेंटेशन द्वारा अपने विचार साझा किए। इस अवसर पर बरेली कॉलेज, इनवर्टिस यूनिवर्सिटी, रक्षपाल बहादुर मैनेजमेंट इंस्टीट्यूट, खंडेलवाल कॉलेज, एसआरएमएस आईबीएस, लखनऊ, एसआरएमएस आईएमएस, एसआरएमएस नर्सिंग, एसआरएमएस सीईटी एंड आर एवं एसआरएमएस सीईटी कॉलेज के छात्र-छात्राएं प्रतिभागी रहे।
सेमिनार में आयोजित प्रतियोगिता में प्रथम पुरस्कार टीम टाइटन एसआरएमएस सीईटी, बरेली (बी.टेक) को 21000 रुपये, द्वितीय टीम फिनिक्स एसआरएमएस सीईटी, बरेली (एमबीए) को 15000 रुपये और तृतीय टीम इनसाइट नैक्सस एसआरएमएस आईवीएस उन्नाव (बीबीए) को 11000 रुपये की धनराशि दी गई। कार्यक्रम के समापन समारोह में एसआरएमएस गुडलाइफ हॉस्पिटल की डायरेक्टर रिचा मूर्ति मुख्य अतिथि की भूमिका में उपस्थित रहीं। वहीं, डॉ. तेजस्विता सिंह ने कार्यक्रम की विस्तृत रिर्पोट प्रस्तुत की एवं डॉ. सोभित कुमार ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया। इस कार्यक्रम में फैक्लटी मैनेजमेन्ट साइंस के सभी शिक्षकों का योगदान रहा।