लखनऊ: स्पेशल टास्क फोर्स (STF) का बर्खास्त सिपाही आलोक सिंह लखनऊ से गिरफ्तार कर लिया गया है। एसटीएफ ने मंगलवार को उसे पकड़ा। एक दिन पहले ही लुकआउट नोटिस जारी किया गया था। आलोक कोडीनयुक्त नशीले कफ सिरप मामले में फरार था। वो सरेंडर करने की फिराक में था। आलोक सिंह ने लखनऊ कोर्ट में सरेंडर करने की अर्जी भी डाली थी। आलोक सिंह के एक पूर्व सांसद का करीबी होने की भी चर्चा है।
दरअसल, कफ सिरप मामले में लगातार कार्रवाई का सिलसिला जारी है। मास्टरमाइंड शुभम जायसवाल भले ही पुलिस और एसटीएफ की गिरफ्त से कोसो दूर हो लेकिन उसके करीबियों पर एक के बाद एक कार्रवाई हो रही है। पहले अमित सिंह टाटा फिर शुभम जायसवाल के पिता भोला जायसवाल और अब आलोक सिंह भी गिरफ्त में आ गया था। एसटीएफ के हत्थे चढे़ आलोक सिंह को लेकर आशंका थी कि वो मौका पाकर विदेश भाग सकता है। ऐसे में उसके खिलाफ लुक आउट नोटिस जारी किया गया था। इसके साथ ही उसके संभावित ठिकानों पर भी छापेमारी की जा रही थी।
STF से बर्खास्त हुआ था आलोक सिंह
आलोक सिंह एसटीएफ का बर्खास्त सिपाही हैं और उसे एक बाहुबली पूर्व सांसद का करीबी भी बताया जाता है। अमित सिंह टाटा की गिरफ्तारी के बाद से आलोक सिंह की तलाश शुरू हो गई थी। क्योंकि आलोक सिंह का नाम भी कफ सिरप तस्करी के मामले में आ रहा था। बताया जा रहा है कि आलोक सिंह का नाम गाजियाबाद में दर्ज एफआईआर में पहले ही आ गया था। फिलहाल अब उसे गिरफ्तार कर लिया गया है।
इस सिंडिकेट की हो रही पड़ताल में चौकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। सूत्रों की ओर से दावा किया जा रहा है कि इस सिंडिकेट के कुछ सालों में इस तस्करी के जरिए 1900 करोड़ से ज्यादा का कारोबार किया हैं। इस मामले में ईडी भी जांच में जुट गई है। ऐसे में अभी और कई खुलासे हो सकते हैं।