लखनऊ: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू शुक्रवार (28 नवंबर) को लखनऊ में हैं। उन्होंने आज सुल्तानपुर रोड पर गुलजार उपवन में ब्रह्माकुमारीज के समागम में राजयोग प्रशिक्षण केंद्र का उद्घाटन किया। राष्ट्रपति 20 साल से ब्रह्माकुमारीज से जुड़ी हैं। उन्होंने समागम में कहा कि आज के समय में आगे बढ़ने की नहीं, अपने भीतर झांकने की जरूरत है।
राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा राष्ट्रीय शिक्षा नीति में मूल्य शिक्षा भी इसी दिशा में एक कदम है। जी-20 समिट भारत में 2023 में आयोजित की गई थी। उसकी थीम थी वन वर्ल्ड, वन अर्थ, वन फैमिली। इन सब प्रयासों का उद्देश्य विश्व को एकता का संदेश देना रहा। यही काम ब्रह्माकुमारीज का है। संस्था का काम प्रशंसनीय है।
ब्रह्माकुमारीज का मिशन गांव-गांव में है
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा, ब्रह्माकुमारीज द्वारा शिक्षा और स्वास्थ के क्षेत्र में किए जा रहे प्रयास प्रशंसनीय हैं। ब्रह्माकुमारीज विश्वविद्यालय केवल माउंट आबू में नहीं बल्कि गांव-गांव में इनके भाई-बहन समाज में शांति, प्रेम के संवाहक बनकर जन-जन तक यह संदेश पहुंचा रहे हैं। भारत की प्राचीन सभ्यता और संस्कृति ने विश्व को वसुधैव कुटुंबकम् का संदेश दिया है।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति में मूल्य शिक्षा इसका एक कदम है। जी 20 समिट भारत में 2023 में आयोजित की गई थी। जिसकी थीम थी वन वर्ल्ड, वन अर्थ, वन फैमिली। इस सब प्रयासों का उद्देश्य विश्व को एकता का संदेश देना है। आज आवश्यक है कि हम आगे बढ़ने की ही नहीं साथ ही स्वयं के भीतर झांकने, देखने की भी यात्रा शुरू करें। जब हम स्वयं से संवाद करते हैं जो हमें पता चलता हैं कि शांति और सुख कोई बाहरी चीज नहीं यह हमारा आतंरिक अवस्था और गुण है।
जब मनुष्य स्वयं को देखना शुरू करता है तो जाति-पाति से दूर हो जाता है: राज्यपाल
वहीं, राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने कहा कि आज के इस कार्यक्रम में हम सब शामिल हैं। आज हमारे बीच देश की राष्ट्रपति महामहिम मौजूद हैं। मैं उनका स्वागत व अभिनंदन करती हूं। आज राष्ट्रपति महोदया के आगमन से इस कार्यक्रम ने ऐतिहासिक रूप ले लिया है। हम इस क्षण को कभी नहीं भूलेंगे। यह संस्था आज अनेक राष्ट्रीय निमार्ण गतिविधियों में अपना काम कर रही है। हम सभी के लिए यह गर्भ का विषय है कि देश की सबसे बड़ी संस्था इस पर काम कर रही है।
उन्होंने कहा, आज जब मानवता गिरी हुई है तो ऐसे में यह संस्था देश में मनाया को जगाने का काम कर रही है। जब मनुष्य स्वयं को देखना शुरू करता है तो जाति-पाति भेदभाव से मनुष्य दूर हो जाता है।हम सब एक-दूसरे से सहयोग की अपेक्षा रखते हैं। हम सब संकल्प लेते हैं कि हम अपने अंतर्आत्मा को जगाएंगे और राष्ट्रहित में काम करेंगे।
राष्ट्रपति का सफर प्रेरक रहा है: सीएम योगी
इससे पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि राष्ट्रपति का जीवन एक शिक्षक के रूप प्रेरक रहा है। शिक्षक, जनसेवक से लेकर राष्ट्रपति भवन तक की उनकी यात्रा संघर्ष की एक मिसाल रही है। व्यक्ति के बंधन और मोक्ष का कारण उसका मन है। आज दुनिया में जो भी आतंकवाद, उपद्रव है इसके पीछे मन की चंचल प्रवृत्तियां हैं।
उन्होंने कहा कि मन का एक सकारात्मक पक्ष है, जो सकारात्मक प्रवृत्तियों की और ले जाता है, वहीं एक नकारात्मक मन नकारात्मक प्रवृत्तियों की ओर ले जाता है। योगी ने कहा कि ब्रह्माकुमारी से जुड़े सभी पदाधिकारी राजयोग के माध्यम से सकारात्मक माहौल का निर्माण कर रहे हैं। यह केंद्र पूरे उत्तर प्रदेश के लिए राजयोग प्रशिक्षण के लिए एक आदर्श प्रस्तुत करेगा।
मन संतुष्ट नहीं तो विचलित रहेगा: योगी
सीएम योगी ने कहा कि राष्ट्रपति की जनसेवा की भावना से पार्षद से लेकर आज देश की राष्ट्रपति तक सफर रहा है। मैं उत्तर प्रदेश के नागरिकों की तरफ से राष्ट्रपति महोदय का स्वागत करता हूं। हमारे बीच उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदी बेन पटेलजी भी मौजूद है। मैं उनका भी आभार देता हूं।
जो व्यक्ति मन की संतुष्टि पर काबू पा सकता है वह दुनिया को देख सकता है। अच्छे कार्य कर सकता है। अगर आपने यह नहीं किया तो आपका मन विचलित रहेगा, भ्रमित रहेगा। इसका उदाहरण आज आतंकवाद के रूप में दिख रहा है। याद करिए जब देश के प्रधानमंत्री 2014 में अपना पद संभाल था तो 21 जून की तिथि को विश्व योग दिवस की मान्यता दिलाई। वह सिर्फ इसीलिए था।
1000 से ज्यादा खास मेहमान मौजूद रहे
कार्यक्रम में राष्ट्रपति, राज्यपाल और मुख्यमंत्री के अलावा भाग लेने के लिए आज लखनऊ में करीब 1000 VIP मेहमान पहुंचे। इनमें 400 से अधिक बिजनेसमैन, 100 से ज्यादा डॉक्टर, 300 से ज्यादा प्रशासनिक अधिकारियों को विशेष निमंत्रण भेजा गया है। इसके अलावा, देशभर से 5000 ब्रह्माकुमारीज सदस्य भी शामिल होंगे। भीड़ और ट्रैफिक प्रबंधन के लिए कई विशेष टीमें तैनात की गई हैं।