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मेरठ की नीले ड्रम वाली मुस्कान ने दिया बेटी को जन्म दिया, ससुराल वाले बोले- कराएंगे DNA टेस्ट

मेरठ की नीले ड्रम वाली मुस्कान ने दिया बेटी को जन्म दिया, ससुराल वाले बोले- कराएंगे DNA टेस्ट

मेरठ: मेरठ जिले में एक नीले ड्रम में पति का शव सीमेंट से दफन करने वाली मुस्कान रस्तोगी ने बेटी को जन्म दिया है। डॉक्टर्स ने सोमवार शाम 6.50 बजे नॉर्मल डिलीवरी कराई। खास बात यह है कि मुस्कान जिस पति सौरभ की हत्या में जेल में बंद है, उसका जन्म भी 24 नवंबर को ही हुआ था। यह मुस्कान की दूसरी बेटी है। बड़ी बेटी पीहू अपने नाना-नानी के साथ रहती है।

23 नवंबर की रात मुस्कान का जेल के डॉक्टर्स ने चेकअप किया। फिर अल्ट्रासाउंड के लिए मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। जेल सुपरिटेंडेंट डॉ. वीरेश राज शर्मा ने बताया कि मुस्कान को गायनिक वार्ड में भर्ती कराया गया था। एचओडी डॉ. शगुन ने बताया कि मुस्कान की बेटी का वजन ढाई किलो है। 5 डॉक्टर्स ने मुस्कान की नॉर्मल डिलीवरी कराई।

19 मार्च को पति की हत्‍या के मामले में हुई थी गिरफ्तारी

मुस्कान रस्‍तोगी अपने पति सौरभ राजपूत की हत्या के जुर्म में 19 मार्च को बॉयफ्रेंड साहिल के साथ गिरफ्तार की गई थी। जब पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया, वह डेढ़ महीने की प्रेग्नेंट थी। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि यह बच्चा किसका है- पति सौरभ का या बॉयफ्रेंड साहिल का?

वहीं, सौरभ के बड़े भाई राहुल ने कहा कि हम मुस्कान की बेटी का DNA टेस्ट कराएंगे। अगर वह बच्ची सौरभ की है तो उसको हम लोग अपनाएंगे। मंगलवार सुबह डॉक्टर ने बताया कि बच्ची स्वस्थ है, मुस्कान सुबह से बच्ची को गोद में लिए बैठी है। उसे लगातार दुलार रही है। मुस्कान बच्ची के लिए काफी खुश है।

बच्ची का नाम राधा रखने की चर्चा

मेरठ जेल के वरिष्ठ जेल अधीक्षक डॉ. वीरेश राज शर्मा ने बताया कि मुस्कान मार्च, 2025 को जेल लाई गई तो वो प्रेगनेंट थी। उसने 24 नवंबर की देर शाम मेरठ मेडिकल अस्पताल में एक बच्ची को जन्म दिया है। बच्ची का नाम शायद उसने राधा रखा है। उन्‍होंने बताया कि मुस्कान के परिजन न तो मेडिकल अस्पताल में आए हैं, न ही उनकी तरफ से आज तक जेल में हमसे कोई संपर्क किया गया है। इसलिए बच्ची की दवाएं, कपड़े और जो भी जरूरी सामान है, उसकी व्यवस्था जेल प्रशासन की ओर से ही की जा रही है।

मुस्कान के साथ जेल में रहेगी बच्ची

यूपी जेल मैनुअल में प्रावधान है कि जेल में 6 साल तक के बच्चे अपनी मां, दादी के साथ रह सकते हैं। जेल में बच्चों के खेलने की व्यवस्था भी है। स्वास्थ्य विभाग से नि:शुल्क टीकाकरण कराया जाता है। बच्चे को पूरा इलाज और दवाएं मिलती हैं। आंगनवाड़ी में उसका रजिस्ट्रेशन होता है, उसे शिक्षामित्र और टीचर के जरिए यहीं पढ़ाया जाता है।

डॉ. वीरेश राज शर्मा ने बताया कि मेडिकल कॉलेज बोर्ड की सुरक्षा में मुस्कान और उसकी बच्ची है। डॉक्टर्स ही बताएंगे कि उसे कब डिस्चार्ज करना है। जब डॉक्टर्स अस्पताल से मुस्कान को छुट्‌टी देंगे, तब उसे पूरी सुरक्षा के बीच मेरठ जेल में लाया जाएगा। यहां जैसे अन्य बंदी महिलाएं अपने बच्चों के साथ रह रही हैं, वहीं मुस्कान उसकी बेटी को रखा जाएगा।

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