बरेली: जनपद के फतेहगंज पूर्वी थाना क्षेत्र में सोमवार (27 अक्टूबर) सुबह नेशनल हाईवे पर एक सड़क हादसा हो गया, जिसमें मां-बेटे की मौत हो गई। टिसुआ गांव के पास एक तेज रफ्तार कार बेकाबू होकर डिवाइडर पार कर सामने से आ रही डीसीएम से टकरा गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि कार का अगला हिस्सा पूरी तरह डीसीएम में घुस गया।
मृतकों की पहचान हरदोई के रहने वाले अर्पित पांडे (35) और उनकी मां मनोरमा पांडे (50) के रूप में हुई है। अर्पित पांडे मुरादाबाद में बैंक ऑफ बड़ौदा में उप प्रबंधक के पद पर कार्यरत थे। वे सोमवार सुबह अपनी मां के साथ मुरादाबाद जा रहे थे।
कार डिवाइडर पार कर दूसरी लेन में चली गई
टिसुआ के पास उनकी कार अचानक बेकाबू होकर डिवाइडर पार कर दूसरी लेन में चली गई और सामने से आ रही डीसीएम से आमने-सामने टकरा गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि कार का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और दोनों की मौके पर ही मौत हो गई।
राहगीरों की सूचना पर फतेहगंज पूर्वी पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने जेसीबी की मदद से कार के मलबे को काटकर शवों को बाहर निकाला। हादसे के कारण नेशनल हाईवे पर लंबा जाम लग गया, जिसे नियंत्रित करने में पुलिस को घंटों मशक्कत करनी पड़ी।
अर्पित पांडे के पिता दरोगा के पद पर तैनात हैं
अर्पित पांडे के पिता अशोक कुमार पांडे रामपुर जिले में पुलिस विभाग में दरोगा के पद पर तैनात हैं। बेटे और पत्नी की मौत की खबर सुनकर परिवार में शोक छा गया। स्थानीय लोगों ने बताया कि टिसुआ के पास हाईवे का यह हिस्सा हादसों का ‘ब्लैक स्पॉट’ बन चुका है। तेज रफ्तार और स्पीड ब्रेकर न होने के कारण यहां अक्सर दुर्घटनाएं होती रहती हैं।
ग्रामीणों ने प्रशासन से इस स्थान पर स्पीड ब्रेकर और चेतावनी बोर्ड लगाने की मांग की है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके। थाना प्रभारी संतोष सिंह ने जानकारी दी कि शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है और मौके पर शांति व्यवस्था कायम है। पुलिस ने डीसीएम को कब्जे में ले लिया है और आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।