काठमांडु: नेपाल में सोशल मीडिया बैन और भ्रष्टाचार के खिलाफ जारी आंदोलन का बुधवार को तीसरा दिन है। हिंसक प्रदर्शन रोकने के लिए सेना ने मंगलवार रात 10 बजे से पूरे देश का कंट्रोल अपने हाथ में ले लिया है। इसके बाद भी कई इलाकों में हिंसा जारी है। आज CPN अध्यक्ष पुष्प कमल दहल ‘प्रचंड’ की बेटी गंगा दहल के जले हुए घर से एक शव बरामद किया गया।
ललितपुर के SSP श्याम कृष्ण अधिकारी ने बताया कि शव ढोलाहिटी में स्थित गंगा के आवास से मिला। फिलहाल, शव की पहचान नहीं हो पाई है। वहीं, प्रदर्शनकारियों ने मंगलवार शाम को सुप्रीम कोर्ट में आग लगा दी थी, जिसके चलते 25 हजार से ज्यादा केस फाइलें राख में बदल गईं। वहीं, आज सेना ने 27 उपद्रवियों को गिरफ्तार किया है। यहां हिंसक प्रदर्शन में अब तक 24 लोगों की मौत हुई, जबकि 400 से ज्यादा लोग घायल हैं।
एअर इंडिया ने काठमांडू की उड़ानें रद्द कीं
एअर इंडिया ने 10 सितंबर को काठमांडू से आने-जाने वाली सभी उड़ानों रद्द कर दी हैं। एअर इंडिया के प्रवक्ता ने मीडिया को बताया कि काठमांडू एयरपोर्ट बंद होने की वजह से यह फैसला लिया गया है। प्रवक्ता ने कहा- हम हालात पर नजर रखे हुए हैं और जल्द ही और जानकारी शेयर करेंगे।
PM ओली का घर जलाया

राष्ट्रपति भवन में आग लगाई

आर्मी PM ओली को सुरक्षित जगह ले गई

3 पूर्व प्रधानमंत्रियों के घर जलाए
आंदोलनकारियों ने कल नेपाल के 3 प्रधानमंत्री शेर बहादुर देउबा, झालानाथ खलान और पुष्प कमल दहल प्रचंड के घर में आग लगा दी। पूर्व पीएम झालानाथ खनाल के घर में आग लगाने से उनकी पत्नी राजलक्ष्मी चित्रकार गंभीर रूप से जल गईं। उन्हें तुरंत कीर्तिपुर बर्न अस्पताल ले जाया गया, जहां उनकी मौत हो गई।
वहीं, पूर्व प्रधानमंत्री शेर बहादुर देउबा को उनके घर में घुसकर पीटा, जबकि वित्त मंत्री विष्णु पौडेल को काठमांडू में उनके घर के पास दौड़ा-दौड़ाकर मारा।
नेपाल में युवाओं के आंदोलन की 7 वजहें
सोशल मीडिया बैन
सरकार ने फेसबुक, इंस्टाग्राम, वॉट्सएप बैन किया। इससे युवाओं की कमाई पर असर पड़ा।
4 साल में 3 बड़े घोटाले
गिरी बंधु भूमि स्वैप (2021): ₹54,600 करोड़ ओरिएंटल कोऑपरेटिव (2023): ₹13,600 करोड़ कोऑपरेटिव (2024): ₹69,600 करोड़
सियासी अस्थिरता
5 साल में 3 प्रधानमंत्री- शेर बहादुर देउबा, पुष्प कमल दहल उर्फ प्रचंड, केपी ओली।
बेरोजगारी और असमानता
बेरोजगारी दर 10% से ज्यादा, 20% लोगों के पास आधी से ज्यादा संपत्ति।
विदेशी दबाव
कभी अमेरिका, कभी चीन का दबाव दिखा। बैन के बीच सिर्फ Tik Tok चालू रहा।
भारत से दूरी
लिपुलेख विवाद और चीन से नजदीकी। रिश्ते बिगड़ने से आर्थिक दबाव पड़ा। इससे युवाओं में बेचैनी।
भाई-भतीजावाद (नेपोटिज्म)
नेताओं ने रिश्तेदारों को महत्वपूर्ण पद दिए, उनके बच्चों की विदेश यात्राएं, महंगे ब्रांड यूज करने और पार्टियों से भी युवा नाराज।