सहारनपुर: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सोमवार (08 सितंबर) को सहारनपुर पहुंचे। यहां अंबाला रोड स्थित सरोवर पोर्टिको में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने 48 ट्रकों में भरी राहत सामग्री को आपदा प्रभावित राज्यों के लिए रवाना किया। इनमें 18 हजार किटें भरी गई हैं। एक में 40 किलो वजन की 26 सामग्री रखी गई हैं।
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के बाढ़ पीड़ितों के लिए आज यूपी की 25 करोड़ जनता की तरफ से ये राहत सामग्री भेजी जा रही है। किसी भी तरह की आपदा से निपटने के लिए सरकार की तरफ से किए गए प्रयास काफी प्रभावी रहे हैं। आपदा आती है, लेकिन आपदा से निपटने के लिए आपदा मित्र, एनडीआरएफ, स्थानीय पुलिस लगातार सक्रिय रहकर अपनी भूमिका निभाती है।
यूपी में बाढ़ सबसे बड़ी चुनौती रही है
सीएम योगी ने कहा कि आपने देखा होगा, यूपी में बाढ़ सबसे बड़ी चुनौती रही है। हम लोग अभी इस आपदा से बचे हैं। निचले स्तर पर ही जलभराव हुआ है। लेकिन, व्यापक पैमाने पर बाढ़ जैसी आपदाओं से निपटने के लिए समय पर किए गए प्रावधानों का प्रमाण है कि हम नियंत्रण तक पहुंच गए हैं। सहारनपुर, बागपत, नोएडा जैसे शहरों में यमुना की बाढ़ है। गंगा जी के मुहाने पर बिजनौर से लेकर बलिया तक पुख्ता व्यवस्था की गई है। ऐसे ही सरयू, गुर्रा, रामगंगा, हिंडन जैसी नदियों से जहां भी बाढ़ से किसी को परेशानी हुई, सरकार ने तत्काल उन तक राहत सामग्री पहुंचाई।
#WATCH | सहारनपुर: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तराखंड, पंजाब और हिमाचल प्रदेश के बाढ़ पीड़ितों के लिए राहत सामग्री वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। pic.twitter.com/u2kfYonFmU
— ANI_HindiNews (@AHindinews) September 8, 2025
उन्होंने कहा कि जनहानि पर तत्काल 4 लाख उस परिवार को दिया। बरसात में जंगली जानवर, सांप-बिच्छू से भी किसी की मौत होती है तो उस परिवार को 4 लाख सरकार दे रही है। आपदा के कारण किसी का मकान गिर गया तो उसे नया घर बनवाने के लिए सरकार धन देती है। अगर किसी का घर नदी में विलीन हो गया तो उस परिवार को सरकार जमीन का पट्टा देती है, मकान बनवाने का खर्चा भी देती है।
बाढ़ पीड़ितों को सुरक्षित शिविरों में पहुंचाया जा रहा
सूबे के मुखिया ने कहा, जो भी बाढ़ में फंसा उसे सुरक्षित शिविर में पहुंचा रहे हैं। सुबह का नाश्ता, दोपहर का भोजन, रात का भोजन दिया जा रहा है। बच्चों के लिए दूध दिया जा रहा है। पशुओं को चारा दिया जा रहा है। राहत सामग्री के रूप में लाई, चना, चीनी, बिस्किट, माचिस, मोमबत्ती, नहाने का साबुन, बाल्टी, तिरपाल, आटा, चावल, अरहर, हल्दी, मिर्च, तौलिया, रिफाइंड आदि दिए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज 48 ट्रकों के जरिए हम उत्तराखंड, पंजाब और हिमाचल प्रदेश के लिए राहत सामग्री पहुंचा रहे हैं। हम भी उनके साथ संकट की खड़ी में खड़े हैं। पूरा देश एक भारत-श्रेष्ठ भारत की भावना से मदद के लिए तत्पर है। उत्तराखंड में बादल फटने से बहुत हानि हुई है। इसलिए यूपी की ओर हम लोग 5 करोड़ उत्तराखंड और 5 करोड़ की धनराशि हिमाचल सरकार के राहत कोष में उपलब्ध करा रहे हैं।
बाढ़ की चपेट में आई फसलों का सर्वे किया जा रहा है
योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश में जिन किसानों की फसलें बाढ़ की चपेट में आई हैं, उसका सर्वे करा रहे हैं। रिपोर्ट आते ही किसानों को उनके नुकसान की भरपाई की धनराशि दी जाएगी। मैं यहां के प्रशासन को भी धन्यवाद देता हूं। मात्र 12 घंटे की सूचना पर उन्होंने सारी व्यवस्था समय पर जुटा दिया।
उन्होंने कहा कि आपदा के समय सतर्कता और सावधानी जरूर बरतें। क्योंकि जलजनित बीमारी जैसे डायरिया, वायरल, डेंगू आदि फैलते हैं। इसलिए साफ-सफाई और छिड़काव की जरूरत है। जगह-जगह पानी भरने से सांप, बिच्छू आदि निकलते हैं। अगर सांप या कोई भी जहरीला जीव काटे तो झाड़फूंक के लिए न जाएं। तत्काल CHC जाएं, वहां वैक्सीन लगवाएं। पालतू हो या स्ट्रीट डॉग, काट ले तो वैक्सीन जरूर लगवाएं।
प्रशासनिक कार्यों की सराहना
अपने संबोधन के दौरान सीएम योगी ने आपदा प्रबंधन में प्रशासनिक अधिकारियों और टीमों की सराहना की। उन्होंने कहा कि लगातार मुस्तैदी और त्वरित राहत कार्य से पीड़ित परिवारों को बड़ी राहत मिल रही है।
कार्यक्रम के दौरान राज्यमंत्री कुंवर बृजेश सिंह, राज्यमंत्री जसवंत सैनी और विधायक राजीव गुंबर मौजूद रहे। तय योजना के अनुसार उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के लिए राज्यमंत्री कुंवर बृजेश सिंह और जसवंत सैनी जबकि पंजाब के लिए विधायक राजीव गुंबर राहत सामग्री लेकर रवाना हुए।