बरेली: जिले में धर्मांतरण कराने वाले गिरोह का मास्टरमाइंड अब्दुल मजीद को लेकर पुलिस जांच में सामने आया है कि ग्राम फैजनगर निवासी अब्दुल जिस मदरसे से धर्म परिवर्तन की साजिश चला रहा था, वह कहीं भी पंजीकृत नहीं है। यानी पूरा मदरसा ही अवैध पाया गया है। इसी मदरसे में धर्मांतरण की फैक्ट्री चल रही थी। अब इस मदरसे पर कभी भी बुलडोजर की कार्यवाही हो सकती है।
अलीगढ़ की इन्द्रपुरी क्वारसी निवासी अखिलेश कुमारी ने भुता थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसके जन्म से अंधे बेटे प्रभात उपाध्याय, जो जीआईसी में टीचर हैं, को दूसरी शादी का लालच देकर जबरन धर्म परिवर्तन कराने का प्रयास किया जा रहा है। शिकायत के बाद पुलिस ने फैजनगर स्थित मदरसे पर छापा मारा और संचालक अब्दुल मजीद समेत मोहम्मद आरिफ, सलमान और मोहम्मद फहीम को गिरफ्तार कर जेल भेजा।
पैन कार्ड और बैंक खातों पर भी शक
जांच में खुलासा हुआ कि अब्दुल मजीद का पैन कार्ड भी फर्जी है। यही वजह है कि पुलिस को उसके बैंक खातों की डिटेल खंगालने में दिक्कतें आ रही हैं। अब पुलिस आर्थिक लेनदेन और मदरसे की फंडिंग के एंगल से भी जांच कर रही है। पुलिस को शक है कि इस गिरोह के तार एक अन्य मदरसे से भी जुड़े हैं। गिरफ्तार आरोपी आरिफ और करेली निवासी बृजपाल उस मदरसा की कमेटी में भी सदस्य बताए जा रहे हैं। आशंका है कि वहां भी धर्मांतरण का खेल चल रहा हो सकता है।
एसएसपी अनुराग आर्य के निर्देश पर पुलिस अब गिरोह के हर सदस्य और उनके नेटवर्क को खंगाल रही है। अवैध मदरसा, फर्जी पैन कार्ड और संदिग्ध फंडिंग की परतें खुलने के बाद पुलिस का शिकंजा और कसता जा रहा है।