लखनऊ: केंद्रीय जांच एजेंसी (CBI) ने सेंट्रल ब्यूरो ऑफ नारकोटिक्स (CBN) के दो इंस्पेक्टर्स को रिश्वतखोरी के गंभीर आरोपों में गिरफ्तार किया है। इनकी पहचान महिपाल सिंह और रवि रंजन के रूप में हुई है। आरोप है कि दोनों ने एक निजी नर्सिंग होम संचालक से 10 लाख रुपये की रिश्वत मांगी थी, जिससे उसे एक झूठे मादक पदार्थ तस्करी केस में न फंसाया जाए।
सीबीआई की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि महिपाल सिंह और रवि रंजन ने लखनऊ स्थित देवा नर्सिंग होम के मालिक गयासुद्दीन अहमद को धमकी दी थी कि यदि वह 10 लाख रुपये की रिश्वत नहीं देता, तो उसे प्रतिबंधित दवा कोडीन सिरप की अवैध बिक्री के केस में फंसा दिया जाएगा। इस मामले की जड़ें उस समय की हैं, जब इंस्पेक्टर महिपाल सिंह ने कोडीन सिरप बेचने के आरोप में एक व्यक्ति रोशन लाल को पकड़ा था। आरोप है कि इसी केस में गयासुद्दीन को भी झूठा फंसाने की धमकी देकर उससे बड़ी रकम वसूली गई।
चार लोग गिरफ्तार, रिश्वत की रकम बरामद
सीबीआई ने इस मामले में महिपाल सिंह, रवि रंजन, गयासुद्दीन अहमद और एक अन्य व्यक्ति सुनील जायसवाल को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों ने बताया कि रिश्वत के 10 लाख रुपये की नकदी भी बरामद कर ली गई है। इसके साथ ही अन्य अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ भी जांच जारी है।
जांच एजेंसी ने इस केस में भ्रष्टाचार और आपराधिक साजिश की धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया है। सीबीआई सूत्रों के अनुसार, यह कार्रवाई विश्वसनीय इनपुट के आधार पर की गई, जिसके अनुसार सरकारी अधिकारी निजी व्यक्तियों के साथ मिलकर झूठे केस में फंसाने की धमकी देकर उगाही कर रहे थे।
जांच जारी, अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच
सीबीआई इस बात की जांच कर रही है कि इस रैकेट में और कौन-कौन लोग शामिल हो सकते हैं। शुरुआती जांच में कुछ अन्य अज्ञात व्यक्तियों की भूमिका भी सामने आई है, जिन्हें जल्द ही पूछताछ के लिए बुलाया जा सकता है।