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पर्यटकों को वाइल्डलाइफ और वेलनेस गंतव्य की मिलेगी सुविधा: जयवीर सिंह
UP News: उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग ने लखीमपुर खीरी के चंदन चौकी को प्रमुख इको-टूरिज्म और वेलनेस डेस्टिनेशन के रूप में विकसित करने की योजना तेज कर दी है। यह परियोजना पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप मॉडल के तहत तैयार की जाएगी। परियोजना में पर्यावरण-हितैषी रहने की सुविधा, वेलनेस सेंटर, एडवेंचर एक्टिविटी, रेस्टोरेंट्स के साथ-साथ स्थानीय लोगों द्वारा संचालित होम-स्टे, स्मृति-चिह्न की दुकानें और वीकेंड हाट शामिल होंगे। इस विकास के माध्यम से क्षेत्र में स्थायी पर्यटन और स्थानीय समुदाय की भागीदारी को बढ़ावा देना है। इस काम में थारू जनजाति और स्वयं सहायता समूहों की अहम भूमिका होगी, जिससे पर्यटक यहां आकर स्थानीय संस्कृति का अनुभव कर सकेंगे।
स्थानीय समुदायों के लिए रोजगार और आय के अवसर होंगे सृजित
पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि इस परियोजना में विश्व स्तरीय आवासीय सुविधाएं, वेलनेस सेंटर, साहसिक गतिविधियों की सुविधाएं, रेस्तरां और सामुदायिक भागीदारी वाले अनुभव शामिल होंगे। इनमें होम-स्टे, हस्तशिल्प और सप्ताहांत हाट जैसी गतिविधियां शामिल होंगी। इस परियोजना से स्थानीय समुदायों के लिए रोजगार और आय के अवसर भी सृजित होंगे। लखीमपुर खीरी तेजी से उत्तर प्रदेश के प्रमुख पर्यटन स्थलों में अपनी पहचान बना रहा है। दुधवा टाइगर रिजर्व के पास स्थित चंदन चौकी को इस तरह विकसित किया जा रहा है, कि यह वन्यजीव पर्यटन को वेलनेस, संस्कृति और ग्रामीण जीवन से जोड़ सके। इसका उद्देश्य देशी-विदेशी पर्यटकों के साथ दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र से आने वालों और अंतरराष्ट्रीय टूरिस्ट को प्रकृति के करीब ले जाना है।