Bareilly News: बढ़ती वाहन संख्या और ट्रैफिक प्रबंधन के लिए 10 चौराहे री-डिजाइन किए जाएंगे। नगर निगम बरेली ने राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम में इसके लिए रकम भी आरक्षित की है। बजट से चिह्नित चौराहों का स्वरूप बदलने की तैयारी है। चौराहों के ट्रैफिक सर्वे और विस्तृत सर्वेक्षण के लिए किसी अनुभवी कंपनी को जल्दी ही जिम्मेदारी सौंपी जाएगी।
ऐसे बदलेगी चौराहों की तस्वीर
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–ईंट पजाया चौराहा: ट्रैफिक डायवर्जन के लिए अस्थायी डिवाइडर के स्थान पर स्थायी डिवाइडर का निर्माण कराया जाएगा।
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–चौपुला: डिवाइडर को विस्तार देकर यातायात को नियंत्रित किया जाएगा। नए यू-टर्न बनाए जाएंगे।
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–सेटेलाइटः बस स्टैंड के सामने डिवाइडर इतना छोटा है कि वाहन जंप कर जाते हैं, इसे ऊंचा किया जाएगा। ई-रिक्शा और ऑटो के लिए स्टैंड बनेगा, ताकि सड़क किनारे सर्विस रोड ब्रेक न हो।
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–चौकी चौराहा: रोटरी का आकार बढ़ेगा। गांधी उद्यान से पुलिस लाइन की ओर डिवाइडर को विस्तार दिया जाएगा।
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–नावेल्टी चौराहा: फुटपाथ से अतिक्रमण हटेगा। चौराहे के चारों ओर अवैध पार्किंग रोकी जाएगी।
सर्वेक्षण से यह पता लगेगा
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-किस चौराहे पर कितना है ट्रैफिक, कितना और बढ़ने के आसार।
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-आवागमन के दौरान कहां-कहां हादसे का है खतरा, कैसे खत्म हो।
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-सुरक्षित यातायात के प्रबंधन के लिए क्या काम कराना जरूरी।
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-चौराहों की भौगोलिक परिस्थिति का आकलन रिकार्ड में लाया जाएगा।
इन चौराहों पर ट्रैफिक की गणना के साथ सर्वेक्षण होगा
सेटेलाइट, श्यामगंज, डेलापीर, बीसलपुर चौराहा, चौपुला, ईंट पंजाया, चौकी चौराहा, बरेली कॉलेज, मिनी बाईपास, नॉवेल्टी चौराहा। महापौर उमेश गौतम ने कहा कि विकास को रफ्तार देने की वजह से बरेली में आवागमन और ट्रैफिक बढ़ा है। दिनों दिन इसमें वृद्धि होनी है। इसलिए ट्रैफिक लोड के आकलन के साथ प्रमुख चौराहों की री-डिजानिंग जरूरी है ताकि सुरक्षित सफर मिल सके। इसीलिए राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम में बजट का प्रावधान किया गया। वहीं, नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य ने कहा कि शहर में व्यवस्थित तरीके से ट्रैफिक संचालन और भविष्य की जरूरत को देखते हुए चौराहों की री-डिजाइनिंग के लिए आरएफपी तैयार हो रही है। इसके आधार पर चयनित निजी फर्म विस्तृत अध्ययन करेगी तब आगे काम होगा।