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50 से अधिक लोगों ने लिया चिकित्सीय परामर्श
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द होप फाउंडेशन, वाणी वंडर प्ले स्कूल, द होप ग्लोबल प्ले स्कूल और राजकीय नेशनल होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज (लखनऊ) की टीमों ने दिया महत्वपूर्ण योगदान
लखनऊ। द होप फाउंडेशन के अंतर्गत संचालित द होप रिहैबिलिटेशन एंड लर्निंग सेंटर, वाणी वंडर प्ले स्कूल, द होप ग्लोबल प्ले स्कूल और राजकीय नेशनल होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज (लखनऊ) के संयुक्त तत्वाधान में नि: शुल्क चिकित्सा सेवा एवं दवा वितरण शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें 50 से ज्यादा मरीजों ने पंजीकरण कराया। इनमें नियमित बीमारियों (सामान्य सर्दी, बुखार) के साथ-साथ गंभीर और पुरानी बीमारियों (क्रोनिक डिजीज) से पीड़ित मरीज भी शामिल थे। इसके साथ ही नी-पेन, गठिया, पेट संबंधी समस्या, स्किन डिसऑर्डर और सर्वाइकल स्पॉन्डिलाइटिस से जुड़ी समस्याओं को लेकर आए मरीजों को निःशुल्क दवाएं और परामर्श प्रदान किया गया।
शिविर में योगदान देने वाले विशेषज्ञों और छात्रों में डॉ. प्रियंका भट्ट, डॉ. अमित, डॉ. बृजेश, सुबरत (इन्टर्न छात्र), दिनेश (इन्टर्न छात्र), हरिश (इन्टर्न छात्र) और लालचंद्र (इन्टर्न छात्र) मौजूद रहे। नि:शुल्क स्वास्थ्य शिविर के माध्यम से न केवल मरीजों को इलाज मुहैया कराया गया, बल्कि उन्हें स्वास्थ्य के प्रति जागरूक भी किया गया।
वहीं, द होप फाउंडेशन की ओर से रविंद्र मिश्रा, देवानंद गौतम, प्रीति कुरील, वेद प्रकाश गुप्ता, सौम्या सिंह, अरुणिमा सिंह, प्रिया सिंह, स्मिता सिंह, संजय, डेल्विन देवासिया, पवन कुमार यादव, साक्षी, रिचा कुमारी, अभिनव कुमार, कृष्ण कुमार, शुभम अग्रवाल, माला, शिल्पी, हर्षिता, प्राची, शशि कला और दीनानाथ मौजूद रहे। वाणी वंडर प्ले स्कूल से निर्मल चंद (प्रधानाचार्य), प्राची बिष्ट, अंजू मौजूद रहे।
आम जन–मानस में जागरूकता बढ़ाने का सफल प्रयास
डॉ. प्रियंका भट्ट ने बताया कि इन स्वास्थ्य शिविरों के माध्यम से लोगों तक पहुंचना, उनकी समस्याओं को समझना और उन्हें लाभ दिलाना काफी आसान हो जाता है। स्वास्थ्य योजनाओं से जुड़े प्रोग्राम करना हमारी प्राथमिकता है। इस तरह के स्वास्थ्य शिविरों के माध्यम से लोगों को जागरूक करने में बड़ी मदद मिलती है। इन्हीं स्वास्थ्य शिविरों के माध्यम से हम जनता के बीच पहुंचते हैं और उन्हें यह समझाने में कामयाब होते हैं कि होम्योपैथी पद्दति के इलाज से रोग जड़ से खत्म होते हैं। जनता को यह समझना जरूरी है कि होम्योपैथिक दवाओं के साइड इफेक्ट्स नहीं हैं और इसके इलाज से बड़ी से बड़ी बीमारी को जड़ से खत्म किया जा सकता है। सीजनल एपीडमिक को रोकने में इस तरह के शिविरों से काफी मदद मिलती है।

डॉ. प्रियंका भट्ट, राजकीय नेशनल होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज (लखनऊ)
हमारा उद्देश्य उन लोगों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना है, जो इसके लिए सक्षम नहीं हैं। समय पर इलाज मिलने से काफी फायदा पहुंचता है। पीड़ित परिवारों की आय का एक बड़ा हिस्सा भी बचता है। नेशनल होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज समय-समय पर हमारा सहयोग करता रहता है।
दिव्यांशु कुमार
प्रबंध निदेशक
द होप फाउंडेशन

दिव्यांशु कुमार, प्रबंध निदेशक, द होप फाउंडेशन
होम्योपैथिक, एक सस्ती और सुलभ चिकित्सकीय सेवा पद्यति है। इस चिकित्सकीय सेवा का लाभ कोने-कोने तक पहुंचे, इसके लिए इस तरह के स्वास्थ्य शिविर बहुत ही उपयोगी साबित होते हैं। होम्योपैथिक चिकित्सकीय सेवा का प्रचार-प्रसार बढ़ाना हमारी प्राथमिकता है। जब द होप फाउंडेशन जैसे संगठन हमारे साथ जुड़ जाते हैं तो कहीं न कहीं राहें आसान हो जाती हैं। हमारे विभागीय मंत्री और निदेशक, दोनों के ही मार्गदर्शन और नेतृत्व में हम इस चिकित्सकीय सेवा का लाभ जन-जन तक पहुंचाने के लिए प्रयासरत हैं।“
प्रो. डॉ. विजय पुष्कर
एमडी
प्राचार्य, राजकीय नेशनल होम्योपैथिक चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल, लखनऊ

प्रो. डॉ. विजय पुष्कर (एमडी)
प्राचार्य, राजकीय नेशनल होम्योपैथिक चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल, लखनऊ
आज होम्योपैथिक चिकित्सा पद्दति पर आम जनमानस का विश्वास बढ़ा है। कोरोना के बाद भी ज्यादा से ज्यादा संख्या में मरीज होम्योपैथिक दवाओं पर भरोसा जाता रहे हैं। राजकीय नेशनल होम्योपैथिक चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल में प्रतिदिन हजारों मरीज अपनी विभिन्न समस्याओं को लेकर आते हैं। उनके भरोसे को कायम रखने में हम कोई कसर नहीं छोड़ते हैं।
प्रो. डॉ. डी.के. सोनकर
पूर्व प्राचार्य
राजकीय नेशनल होम्योपैथिक चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल, लखनऊ

प्रो. डॉ. डी.के. सोनकर (पूर्व प्राचार्य), राजकीय नेशनल होम्योपैथिक चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल, लखनऊ
जिन लोगों को अस्पताल पहुंचने में दिक्कत होती है, उनके लिए इस तरह के नि:शुल्क स्वास्थ्य शिविर वरदान से कम नहीं हैं। और जब बात होम्योपैथी की आती है तो राजकीय नेशनल होम्योपैथिक चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल का नाम सबसे ऊपर आता है। वरिष्ठ चिकित्सकों के सौजन्य से यह स्वास्थ्य शिविर लगा, आसपास के लोगों को इसका फायदा जरूर मिला है।
निर्मल चंद, प्रधानाचार्य, वाणी वंडर प्ले स्कूल, लखनऊ