UP Politics: समाजवादी पार्टी पर यूपी के उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने कहा, सर्वोच्च न्यायालय ने माना है कि सपा अपने कार्यालयों को बनाने के लिए जमीन, दुकान पर कब्जा कर रही है। ये बहुत ही निंदनीय कृत्य है। जनता इनके कृत्यों को समझ चुकी है। उन्होंने कहा, अब तो हद हो चुकी है, जब उन्होंने नगरपालिका के कार्यालय के अंदर कब्जा कर सपा कार्यालय बना दिया और कोर्ट ने कड़ी फटकार लगाई। मैं कड़ी निंदा करता हूं। सपा जब-जब सत्ता में रही है, हमेशा जमीनों, दुकानों, मकानों पर कब्जा करना इनकी प्राथमिकता रही है। उपमुख्यमंत्री ने कहा, कांवड़ यात्रा को लेकर तरह-तरह के जो आरोप लगाए जा रहे हैं, मेरा साफ मानना है कि कुछ अराजक तत्व खासकर जो सपा के समर्थन में हैं, वो लोग कांवड़ियों के भेष में इस यात्रा को बदनाम करने का काम कर रहे हैं। प्रदेश की जनता सच्चाई अच्छी तरह समझती है।
#WATCH | लखनऊ: समाजवादी पार्टी पर उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा, "सर्वोच्च न्यायालय ने माना है कि सपा अपने कार्यालयों को बनाने के लिए जमीन, दुकान पर कब्जा कर रहे हैं ये बहुत ही निंदनीय कृत्य है। जनता इनकी कृत्यों को समझ चुकी है…अब तो हद हो चुकी है जब उन्होंने… pic.twitter.com/1yirKbieNb
— ANI_HindiNews (@AHindinews) July 22, 2025
सुप्रीम कोर्ट ने क्यों लगाई फटकार?
उत्तर प्रदेश के पीलीभीत में मात्र 115 रुपये में कार्यालय की जगह धोखाधड़ी से कब्जाने के लिए सोमवार को समाजवादी पार्टी को सुप्रीम कोर्ट ने फटकार लगाई थी और इसे ‘राजनीतिक शक्ति का स्पष्ट दुरुपयोग’ बताया था। जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की बेंच ने राजनीतिक दल की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता सिद्धार्थ दवे से कहा कि यह धोखाधड़ी से आवंटन का मामला नहीं है, बल्कि ‘बाहुबल और सत्ता का दुरुपयोग कर धोखाधड़ी से कब्जा’ किए जाने का मामला है।
बेंच ने कहा, ‘‘आप एक राजनीतिक दल हैं। आपने जगह पर कब्जा करने के लिए आधिकारिक पद और राजनीतिक शक्ति का दुरुपयोग किया। जब कार्रवाई होती है, तो आपको सब कुछ याद आने लगता है। क्या आपने कभी नगरपालिका क्षेत्र में 115 रुपये किराए पर कार्यालय की जगह के बारे में सुना है? यह सत्ता के दुरुपयोग का स्पष्ट मामला है।’’