सपा का बड़ा एक्‍शन, पार्टी विचारधारा न मानने के आरोप में तीन विधायकों को निकाला

सपा का बड़ा एक्‍शन, पार्टी विचारधारा न मानने के आरोप में तीन विधायकों को निकाला

लखनऊ: समाजवादी पार्टी (सपा) ने सोमवार को बड़ा कदम उठाया है। सपा ने आज पार्टी विरोधी गतिविधियों में लिप्त तीन विधायकों को बाहर का रास्ता दिखा दिया है। जिन विधायकों को निष्कासित किया गया है, उनमें गोसाईंगंज से अभय सिंह, गौरीगंज से राकेश प्रताप सिंह और ऊंचाहार से मनोज कुमार पांडेय शामिल हैं।

समाजवादी पार्टी ने इसकी जानकारी अपने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट के ज़रिए दी। सपा ने लिखा कि इन विधायकों ने समाजवादी विचारधारा के विरुद्ध जाकर विभाजनकारी ताकतों और ‘PDA विरोधी’ (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) सोच का साथ दिया है। पार्टी के मुताबिक, ये तीनों नेता किसान, युवा, महिला और आम जनता से जुड़ी मुद्दों की अनदेखी कर रहे थे और भाजपा जैसी पार्टियों की नीतियों के करीब आ गए थे।

राज्यसभा चुनाव बना टर्निंग पॉइंट

इन विधायकों पर आरोप है कि इन्होंने राज्यसभा चुनाव के दौरान पार्टी लाइन के खिलाफ जाकर भाजपा के पक्ष में क्रॉस वोटिंग की थी। उस चुनाव में सपा के पास तीन उम्मीदवारों को जीताने लायक विधायकों की संख्या थी, लेकिन पार्टी के कम से कम सात विधायकों की क्रॉस वोटिंग के चलते एक सीट सपा के हाथ से फिसल गई। माना जा रहा है कि उसी समय से यह तीनों विधायक पार्टी से दूरी बनाते हुए भाजपा के कार्यक्रमों में शामिल होते नजर आने लगे थे।

मौका भी मिला, मगर माफ नहीं हुए

सपा का कहना है कि इन विधायकों को आत्ममंथन और सुधार का समय दिया गया था जिसे पार्टी ने ‘अनुग्रह अवधि’ कहा है। लेकिन समयसीमा खत्म होने के बाद भी कोई बदलाव न देख पार्टी ने यह कड़ा कदम उठाया। पोस्ट में सपा ने साफ कहा- जहां रहें, विश्वसनीय रहें। साथ ही यह भी संदेश दे दिया कि जनविरोधी गतिविधियां अब और बर्दाश्त नहीं होंगी।

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