मुंगेर: बिहार के मुंगेर में शनिवार देर रात बड़ा हादसा हो गया। यहां जसीडीह–झाझा मुख्य रेलखंड पर देर रात लगभग 11:25 बजे एक मालगाड़ी के आठ डिब्बे अचानक पटरी से उतर गए। यह हादसा टेलवा बाजार हॉल्ट के समीप बडुआ नदी पर बने पुल के पास हुआ। हादसे की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि मालगाड़ी के तीन डिब्बे सीधे पुल के नीचे जा गिरे, जिससे आसपास का इलाका भी क्षतिग्रस्त हो गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, अचानक तेज आवाज के साथ मालगाड़ी के कई डिब्बे एक के बाद एक पटरी से उतरते चले गए। कुछ ही पलों में घटनास्थल पर अफरा-तफरी मच गई। हालांकि, राहत की बात यह रही कि इस हादसे में किसी भी प्रकार की जान-माल की क्षति नहीं हुई। दुर्घटना के बाद जसीडीह–झाझा रेलखंड पर अप और डाउन दोनों लाइनों पर रेल परिचालन पूरी तरह से ठप हो गया। कई पैसेंजर और एक्सप्रेस ट्रेनों को रास्ते में विभिन्न स्टेशनों पर रोक दिया गया, जबकि कुछ ट्रेनों को वैकल्पिक मार्ग से चलाने की तैयारी की जा रही है। इससे यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
मौके पर पहुंचे आलाधिकारी
घटना की सूचना मिलते ही रेलवे के वरीय अधिकारी, तकनीकी टीम और दुर्घटना राहत दल मौके पर पहुंच गए। क्रेन और अन्य भारी मशीनों की मदद से पटरी से उतरे डिब्बों को हटाने तथा क्षतिग्रस्त ट्रैक की मरम्मत का कार्य युद्धस्तर पर शुरू कर दिया गया है। सुरक्षा के मद्देनजर पूरे इलाके को सील कर दिया गया है। रेलवे प्रशासन के मुताबिक, प्राथमिक जांच में ट्रैक या तकनीकी खराबी की आशंका जताई जा रही है, हालांकि हादसे के वास्तविक कारणों का खुलासा विस्तृत जांच के बाद ही हो सकेगा। फिलहाल मरम्मत कार्य पूरा होने के बाद ही रेल परिचालन बहाल किया जाएगा। इस दुर्घटना के चलते जसीडीह–झाझा रेलखंड पर कई घंटों तक रेल यातायात प्रभावित रहने की संभावना जताई जा रही है।
रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से संयम बरतने और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करने की अपील की है। इस संबंध में पूर्व रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी सरस्वती चन्द्र ने बताया कि आसनसोल मंडल के लाहाबन-सिमुलतला स्टेशनों के मध्य किलोमीटर 344/05 के पास 27 दिसंबर, 2025 को रात 23:25 बजे एक मालगाड़ी के आठ डिब्बे पटरी से उतर गए। इस कारण इस रेलखंड के अप एवं डाउन दोनों लाइनों पर रेल परिचालन बाधित हो गया है। सूचना मिलते ही आसनसोल, मधुपुर और झाझा से दुर्घटना राहत ट्रेनें (ART) घटनास्थल के लिए रवाना कर दी गई थीं और रेल परिचालन बहाल करने के लिए युद्धस्तर पर कार्य जारी है।