उत्तर प्रदेश, राजनीति

28 लाख छात्रों को मिली 3,350 करोड़ स्कॉलरशिप, CM योगी ने बच्‍चों को दी नसीहत

28 लाख छात्रों को मिली 3,350 करोड़ स्कॉलरशिप, CM योगी ने बच्‍चों को दी नसीहत

लखनऊ: लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान के जुपिटर हॉल में सोमवार को मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ ने कक्षा 9 व 10 के साथ-साथ दशमोत्तर स्तर के कुल 27,99,982 छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति यानी स्कॉलरशिप दी। 3,350 करोड़ रुपये सीधे उनके खाते में ट्रांसफर की गई। 33,334 गरीब परिवारों के आश्रित सदस्यों को राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना के तहत 100 करोड़ रुपये की मदद भी दी गई। इसके अलावा, कई बच्चों को सीएम ने अपने हाथों स्कॉलरशिप का चेक दिया।

इस मौके पर मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि सपा सरकार में एससी-एसटी बच्चों को छात्रवृत्ति नहीं दी गई। छात्रवृत्ति के पैसे को दूसरे कार्यों में डायवर्ट कर दिया गया। जिन्हें मिलती थी, उनका आधा पैसा सपा के लोग डकार जाते थे। 2017 में हमारी सरकार सत्ता में आई तो सपा के कार्यकाल वाली छात्रवृत्ति भी देनी पड़ी। आज सभी छात्रों को समय पर छात्रवृत्ति दी जा रही है। सीएम योगी ने छात्रों को नसीहत दी कि ये स्कॉलरशिप आपकी मंजिल नहीं है। परिश्रम आपकी मंजिल है। स्कॉलरशिप के पैसे का दुरुपयोग मत करना। आपको सपोर्ट करने और आगे बढ़ने के लिए एक प्लेटफार्म दिया गया है।

नए अधिकारी बच्चों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करवाएं

सीएम योगी ने कहा कि अभ्युदय कोचिंग को हर जिले में वर्चुअल और फिजिकल चालू करना चाहिए। समाज कल्याण विभाग को और काम करने की जरूरत है, ताकि यूपीएससी, एनडीए, सीडीएस, आईआईटी आदि की तैयारी हो सके। जो हमारे नए अधिकारी चयन होकर आते हैं, उन्हें एक घंटे हर जिले में इस कोचिंग में पढ़ाना चाहिए।

उन्‍होंने कहा, तकनीकि का यही लाभ है कि सीधे हमने लाभार्थी के खाते में पैसा भेज दिया। इससे किसी तरह की दलाली नहीं हो सकती। 2017 से पहले भ्रष्टाचार का हाल ये था कि कुपोषित बच्चों के पुष्टाहार में भी भ्रष्टाचार किया। विकास की योजनाओं में भ्रष्टाचार, पारिवारिक लाभ की योजना में भ्रष्टाचार, छात्रवृत्ति में भ्रष्टाचार किया गया।

सपा सरकार में पैसा डकार जाते थे लोग

मुख्‍यमंत्री ने कहा, मैं अभी सपा के अध्यक्ष का बयान सुन रहा था कि सरकार 1000 पेंशन क्यों दे रही है? जबकि उनके समय में 300 पेंशन मिलती थी। 6 महीने में एक साथ पैसा दिया जाता था, आधी रकम इनके लोग डकार लेते थे। विधवा महिलाओं की राशि भी आधी भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ जाती थी। आज कोई भ्रष्टाचार नहीं कर सकता। लोगों को मालूम है कि ऐसे लोगों की संपत्ति जब्त कर गरीबों में बांट दिया जाता है।

43 हजार परिवारों को 100 करोड़ रुपए की आर्थिक सहायता दी गई है। पहले ये पैसा कहां जाता था। ये हर व्यक्ति जानता है। पहले सारी स्कीमों का पैसा समाजवादी के नाम पर परिवारवादी लोग हजम कर जाते थे। सत्ता के समानांतर अपराधी सरकार चलाते थे।

बच्चों से सीएम योगी बोले– स्कॉलरशिप का दुरुपयोग मत करना

मुख्‍यमंत्री ने कहा, ये स्कॉलरशिप इसलिए दी गई है कि आप और मेहनत कर सकें। परिश्रम का कोई विकल्प नहीं। स्कॉलरशिप आपकी मंजिल नहीं है। परिश्रम आपकी मंजिल है। स्कॉलरशिप के पैसे का दुरुपयोग मत करना। सरकार का संबल है। सपोर्ट करने और आगे बढ़ने के लिए एक प्लेटफार्म दिया गया है।

दलित महापुरुषों के प्रति सपा ने सम्मान नहीं दिखाया

सीएम योगी ने कहा, सपा को चार बार प्रदेश की सत्ता में आने का मौका मिला। एक भी दलित महापुरुष या संत के प्रति सम्मान का भाव नहीं रखा। असीम अरुण जिस जिले से विधायक चुने गए हैं। कन्नौज में बाबा साहब भीमराव अम्बेडकर के नाम को उन्होंने बदल दिया था। हमारी सरकार ने फिर से उसका नाम रखा।

लखनऊ में भाषा विवि का नाम कांशीराम के नाम पर था, उसे भी बदल दिया था। क्योंकि उनको चिढ़ थी। आज वे लोग यही काम करके समाज को अपमानित करने का काम कर रहे हैं। संवैधानिक संस्थाओं का अपमान करते हैं। पीएम के बारे में अपमानजनक, चुनाव, न्यायपालिका के बारे में टिप्पणी करते हैं। भारत के प्रतीकों पर उंगली पर उठाने का मतलब बाबा साहेब का अपमान है। भारत का वंचित गरीब ये स्वीकार नहीं कर सकता है।

सत्ता में थे तो सिर्फ परिवार के भरण का ख्याल था

वे वंदेमातरम का अपमान करेंगे। समाज को बांटेंगे। जाति के नाम पर बांटेंगे। सत्ता में थे तो सिर्फ परिवार के भरण का ख्याल था। तुष्टीकरण के नाम पर राष्ट्रीय सुरक्षा से खिलवाड़ करते थे। उनके चलते ही ये राज्य बीमारु राज्य बन गया था। युवाओं के सामने पहचान का संकट खड़ा हो गया था। अब हमारा प्रदेश पहचान के संकट के लिए मोहताज नहीं है। बीमारी से मुक्त हो चुका है। अब भारत की अर्थव्यवस्था के ग्रोथ का इंजन बन चुका है।

ओपी राजभर बोले– हमारी सरकार ने छात्रवृत्ति काफी बढ़ाई है

इससे पहले पंचायती राज मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने कहा कि हमारी सरकार का सबका साथ, सबका विकास, सबका प्रयास मूल मंत्र है। पिछले नौ सालों से यूपी में तेजी से विकास हो रहा है। अल्पसंख्यक के कल्याण की दिशा में निरंतर प्रयास हो रहा है। छात्रवृत्ति राशि में हमारी सरकार ने काफी वृद्धि की है।

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