लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में एक साथ 170 भेड़ों की मौत हो गई, जबकि दर्जनों की हालत नाजुक है। ये भेड़ें बसंतकुंज योजना स्थित राष्ट्र प्रेरणा स्थल के पास चर रही थीं। स्थल के उद्घाटन समारोह के बाद बचे हुए फेंके गए खाने को ही भेड़ों ने खा लिया, जिसके बाद उनकी तबीयत बिगड़ी।
राष्ट्र प्रेरणा स्थल का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 25 दिसंबर को उद्घाटन किया था। उसके तीसरे दिन रविवार शाम स्थल के पास भेड़ें चरने गईं। भेड़ों ने जब फेंका हुआ खाना खाया तो थोड़ी ही देर में वे चिल्लाने लगीं। धीरे-धीरे कर बेहोश होती गईं। सुबह तक में 170 भेड़ें मर गईं। इनके शरीर अकड़ चुके हैं। सुबह जब पूरे इलाके में शोर हुआ तो पुलिस पहुंच गई। पुलिस ने सरकारी मेडिकल टीम को बुला लिया। डॉक्टर इलाज कर रहे हैं।
चार चरवाहों की भेड़ें थीं, फतेहपुर से आए
ये सभी भेड़ें चार चरवाहों की थीं। ये लोग फतेहपुर से कुछ दिन पहले यहां भेड़ चराने आए थे। भेड़ पालने वाले प्रदीप कुमार, विजय पाल, अजय पाल, शिवरतन ने बताया कि हमारी भेड़ों की रात में तबीयत खराब होनी शुरू हो गई। हमने देसी दवाई भी खिलाने की कोशिश की लेकिन कुछ काम नहीं आया। सुबह होने तक 170 भेड़ें मर गईं।
NGO वाले भी पहुंचे, दर्ज कराया विरोध
हेल्पिंग हैंड एनजीओ की अध्यक्ष चारु ने बताया कि प्रेरणा स्थल के उद्घाटन के दिन वहां पर जो लंच बॉक्स बंटा था, उसके बच्चे हुए खाने को खाकर भेड़ बीमार हो गई। उन्हें फूड प्वाइजनिंग हो गई। प्रेरणा स्थल के आसपास बड़ी संख्या में भेड़ों की मौत हो गई है। काफी भेड़ें बीमार हैं।
सामाजिक कार्यकर्ताओं के द्वारा मौके पर पहुंचकर इस चीज का विरोध किया जा रहा है, जिस दिन प्रेरणा स्थल का उद्घाटन हुआ उसके बाद यहां साफ-सफाई नहीं हुई। फेंके हुए भोजन को खाने की वजह से इन भेड़ों की मौत हुई है। नगर निगम सहित जिला प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया है।
डॉक्टर बोले– फूड पॉइजनिंग हो सकती है
मौके पर पशु चिकित्सा अधिकारी आरपी सचान पांच डॉक्टर्स की टीम लेकर पहुंच गए हैं। उन्होंने बताया कि यह फूड पॉइजनिंग का केस लग रहा है। सड़ा या ज्यादा खाना खाने से पशुओं में ब्लॉट होने लगता है। उनका पेट फूलता है। सांस लेने में दिक्कत होती है। इसी से मौत भी हो जाती है। जिन भेड़ों की हालत अभी ठीक नहीं है, हम लोग उन्हें बचाने का प्रयास कर रहे हैं।