लखनऊ: उत्तर प्रदेश के एयरपोर्ट क्षेत्र में अवैध रूप से वाणिज्यिक उपयोग किए जा रहे निजी वाहनों के खिलाफ परिवहन विभाग अभियान चला रहा है। इसी के तहत कुल 207 वाहनों की जांच की गई, जिनमें से 133 निजी वाहन अवैध रूप से वाणिज्यिक उपयोग में पाए गए। इनमें से 69 वाहनों को मौके पर ही जब्त कर लिया गया।
यह विशेष चेकिंग अभियान उत्तर प्रदेश शासन द्वारा निर्धारित लक्ष्यों की पूर्ति के लिए आयोजित समीक्षा बैठक में दिए गए निर्देशों के बाद शुरू किया गया। प्रदेश के सभी एयरपोर्ट्स से निजी वाहनों को कामर्शियल रूप में उपयोग किए जाने की लगातार मिल रही शिकायतों के मद्देनजर विभाग ने यह कदम उठाया।
तीन प्रवर्तन टीमों का हुआ गठन
परिवहन आयुक्त (प्रवर्तन) के आदेश पर लखनऊ में क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी की निगरानी में तीन प्रवर्तन टीमें गठित की गईं। इन टीमों ने दो-दो शिफ्ट में एयरपोर्ट क्षेत्र में गहन जांच की। जांच के दौरान पकड़े गए 133 वाहनों में से 69 को जब्त किया गया।
परिवहन विभाग के मुताबिक, नियमों का उल्लंघन करने वाले इन वाहनों पर अब कानूनी प्रक्रिया के तहत जुर्माना और टैक्स जमा करने की कार्रवाई की जा रही है। इसके अलावा 66 वाहनों को टैक्सी वाहन में परिवर्तित करने का निर्देश भी दिया गया है।
इस तरह वसूला जा रहा जुर्माना
जुर्माने की राशि में ₹3000 कंपाउंडिंग शुल्क, ₹4000 फिटनेस शुल्क, ₹30360 टैक्स और अन्य शुल्क शामिल हैं। प्रति सीट ₹2200 का अतिरिक्त शुल्क भी लगाया जा रहा है। औसतन, प्रत्येक वाहन से लगभग ₹58,800 का राजस्व वसूला जा रहा है।
इस अभियान में लखनऊ, सीतापुर, हरदोई, खीरी सहित विभिन्न जिलों के परिवहन अधिकारियों की संयुक्त टीमों ने भाग लिया। विभाग ने स्पष्ट किया है कि एयरपोर्ट पर निजी वाहनों के वाणिज्यिक उपयोग को रोकने के लिए आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।