गाजियाबाद: उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले में पुलिस ने एक फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़ किया है। क्रॉसिंग रिपब्लिक क्षेत्र में पुलिस ने सात साल से चल रहे फर्जी कॉल सेंटर का खुलासा करते हुए 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। 2018 से यह गिरोह विदेशी नागरिकों का ऑनलाइन डाटा प्राप्त कर यूएस की प्रतिष्ठित कंपनी अमेरिकन हेल्थ वैलनेस, यूएस हैल्थ कैनेट, जेनेटिक सर्विस आदि का प्रतिनिधि बनकर हेल्थ सर्विसेज देने का प्रलोभन देकर ठगी कर रहा था।
एडीसीपी क्राइम पीयूष सिंह ने बताया कि कॉल सेंटर ऑर्बिट प्लाजा के पांचवें फ्लोर से यूनिहेल्थ केयर सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड के नाम पर संचालित हो रहा था। मास्टरमाइंड मनीष उर्फ मोनू, जो मूल रूप से ओडिशा के संभलपुर का रहने वाला है और वर्तमान में पंचशील वेलिंगटन सोसाइटी में रहता है, जो गिरोह का सरगना है। उसके साथ दिल्ली, गाजियाबाद और आसपास के क्षेत्रों से अजय कुमार यादव, शिवम त्यागी, रजनीश, सूजल त्यागी, हिमांशु वर्मा, मोहित, संजीव यादव, प्रकाश सिंह नेगी, हिमांशु कौशिक और अंकुर को भी पकड़ा गया है।
ये सामान किया गया बरामद
कॉल सेंटर में करीब 25 लोग काम करते थे, जिन्हें 20-25 हजार रुपये मासिक वेतन पर रखा जाता था। उन्हें एक तैयार स्क्रिप्ट दी जाती थी, जिसके आधार पर विदेशी नागरिकों से बातचीत की जाती थी। पुलिस ने छापेमारी में 25 डेस्कटॉप, 11 यूपीएस, 9 राउटर, एक लैपटॉप, तीन मोहर, 20 हजार नकद, पैन कार्ड और लग्जरी कार समेत अन्य सामान बरामद किया है।
पुलिस जांच में सामने आया कि मनीष के पास कई लग्जरी कारें, क्रॉसिंग रिपब्लिक में फ्लैट और विभिन्न नामी कंपनियों की फ्रेंचाइजी आउटलेट हैं। पुलिस अब उसके आर्थिक स्रोत और नेटवर्क की गहन जांच कर रही है।