-
पर्यटकों को आकर्षित कर स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर सृजित करना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता: जयवीर सिंह
लखनऊ: राज्य सरकार देशी-विदेशी सैलानियों को उप्र की ओर आकर्षित कर निवेश एवं रोजगार के साधन सृजित करने के लिए प्रदेश के समस्त जनपदों के कम ख्याति वाले धार्मिक स्थलों का पर्यटन सौंदर्यीकरण तथा बुनियादी सुविधाएं सुलभ कराने का प्रयास कर रही है। श्रद्धालुओं के अवस्थापना सुविधाओं के लिए विभिन्न पर्यटन विकास योजनाएं संचालित की जा रही है। इसी के तहत 02.61 करोड़ रूपये की लागत से कानपुर नगर तथा कानपुर देहात एवं कन्नौज जनपदों के प्रमुख धार्मिक स्थलों को सजाया व संवारा जा रहा है।
यह जानकारी प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने दी। उन्होंने बताया कि इन तीनों जनपदों में बुनियादी सुविधाएं सुलभ कराने के लिए विभिन्न परियोजनाएं स्वीकृत की गयी हैं। इसका मुख्य उद्देश्य पर्यटन को प्रोत्साहित करने के साथ ही स्थानीय लोगों को रोजगार के साधन भी सुलभ कराना है। उन्होंने बताया कि उप्र पर्यटन के क्षेत्र में तेजी से उभर रहा है। जिसके कारण उप्र आने वाले देशी-विदेशी पर्यटकों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। उन्होंने यह भी बताया कि काशी, अयोध्या तथा मथुरा धार्मिक पर्यटन के हब बनते जा रहे है।
पांच प्रमुख धार्मिक स्थलों का पर्यटन विकास
उप्र पर्यटन विकास निगम ने इन तीनों शहरों के कुल पांच प्रमुख धार्मिक स्थलों के लिए पर्यटन विकास संबंधी कार्यवाई शुरू कर दी है। इसके तहत मंदिरों परिसरों का सौंदर्यीकरण, श्रद्धालुओं के लिए जरूरी सुविधाएं, मार्गनिर्माण, लाइटिंग, पेयजल, बैठने का उचित स्थान आदि जैसे कार्य कराए जाएंगे। उन्होंने बताया कि पर्यटन सेक्टर में आमदनी तथा रोजगार की असीमित संभावनाएं है। पर्यटन व्यवसाय से जुड़े टूर-ट्रैवल, ऑपरेटर, बुकिंग तथा होटल व्यवसाय में लगे हुए कारोबारियों के लिए पर्यटन विभाग द्वारा आकर्षक छूट एवं सुविधाएं दी जा रही है। जिसके फलस्वरूप पर्यटन सेक्टर तेजी से फल-फूल रहा है। स्थानीयवासियों को उनके घर के आस-पास रोजगार भी प्राप्त हो रहे है।
पर्यटन मंत्री ने बताया कि कानपुर नगर जिले के सीसामऊ क्षेत्र स्थित प्रसिद्ध रामकृष्ण मंदिर का पर्यटन विकास किया जाएगा। इस परियोजना पर कुल 38.69 लाख रुपए की लागत आएगी। मंदिर परिसर के सौंदर्यीकरण एवं पर्यटकों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए विकास कार्य किए जाएंगे। इसी प्रकार, मसवानपुर में स्थित शिव मंदिर एवं राधा कृष्ण मंदिर का पर्यटन विकास कार्य किया जाएगा, जिसकी लागत 31.23 लाख रुपए होगी। कानपुर नगर के विकासखंड भीतरगांव स्थित बिहारी जी मंदिर के पर्यटन विकास कार्य को भी मंजूरी मिल गई है। इस परियोजना पर कुल 57.54 लाख रुपए की लागत आएगी। इसी क्रम में कानपुर देहात के रसूलाबाद स्थित धर्मगढ़ बाबा मंदिर का पर्यटन विकास भी किया जाएगा, जिसकी लागत 58 लाख रुपए होगी।
इत्र नगरी के छिबरामऊ गांव के प्राचीन बजरंगबली मंदिर का भी पर्यटन विकास
पर्यटन मंत्री ने बताया कि विभाग द्वारा इत्र नगरी कन्नौज के सकरावा क्षेत्र स्थित छिबरामऊ गांव के प्राचीन बजरंगबली मंदिर का भी पर्यटन विकास कार्य किया जाएगा। इस कार्य पर कुल 75.85 लाख रुपए की लागत आएगी। परियोजना अंतर्गत मंदिर परिसर का सौंदर्यीकरण, यात्रियों के लिए सुविधाओं का विस्तार सहित अन्य कार्य होंगे। छिबरामऊ गांव स्थित यह बजरंगबली मंदिर क्षेत्र के श्रद्धालुओं में विशेष आस्था का केंद्र है। वर्षों से यहां दूर-दराज़ से भक्तजन दर्शन के लिए पहुंचते रहे हैं।
पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री ने बताया कि इसी क्रम में कानपुर नगर-देहात और कन्नौज जनपद के कई धार्मिक स्थलों के पर्यटन विकास का कार्य कराए जा रहे हैं। इन स्थलों पर मूलभूत सुविधाओं के साथ पर्यटकों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए अधोसंरचना का विस्तार किया जा रहा है। इससे न केवल धार्मिक पर्यटन को प्रोत्साहन मिलेगा, साथ ही प्रदेश की अर्थव्यवस्था में पर्यटन विभाग का योगदान भी बढ़ेगा।