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UP Vidhan Sabha: जब खर्च ही नहीं करना तो बड़ा बजट बनाने का ढोंग क्यों?

UP Vidhan Sabha: जब खर्च ही नहीं करना तो बड़ा बजट बनाने का ढोंग क्यों?
  • योगी सरकार बजट खर्च नहीं करती, सिर्फ गिनती बड़ी करती है: आराधना मिश्रा मोना

UP Vidhan Sabha: विधानसभा सत्र के दौरान में कांग्रेस ने नौजवानों की बेरोजगारी का मुद्दा उठाया उठाया और आउटसोर्सिंग नौकरी को युवाओं के भविष्य के साथ सबसे बड़ा धोखा करार दिया। कांग्रेस विधान मंडल दल नेता आराधना मिश्रा मोना ने बढ़ते बजट के आकार और संख्या को सिर्फ ढोंग बताया और कहा कि जब खर्च ही नहीं करना तो बजट बड़ा दिखाने से क्या फायदा? साथ ही कांग्रेस ने सदन में युवाओं को स्थाई नौकरी और सम्मानजनक वेतन देने को लेकर ठोस नीति बनाने की भी मांग की। आराधना मिश्रा ने कहा की बजट का आकार लगातार बढ़ता चला जा रहा है लेकिन खर्च उतना ही हो रहा है जितना 5 साल पहले हुआ करता था।  सरकार बजट के नाम पर जनता को गुमराह रखना चाहती है।

आराधना मिश्रा ने सरकार द्वारा युवाओं के रोजगार के प्रति कोई रुचि न दिखाने को लेकर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा, आज प्रदेश का अधिकांश युवा कॉन्टैक्ट और आउटसोर्सिंग आधारित नौकरी करने को मजबूर हैं, जहां वेतन आठ से 10-12,000 ही है और पीएफ बहुत कम या नहीं है। दुर्घटना बीमा जैसी सुविधा की कोई व्यवस्था नहीं, कंपनियों द्वारा नौकरी से निकाले जाने छटनी का डर बना रहता है, युवाओं में और उनके परिवारों में एक अनिश्चितता और डर का वातावरण सरकार ने आउटसोर्सिंग के माध्यम से बना दिया है। आराधना मिश्रा मोना ने सवाल करते हुए कहा कि न्यूनतम मजदूरी अधिनियम की धारा तीन के अंतर्गत सरकार को हर 5 साल में मजदूरी की समीक्षा करनी होती है। पिछले नौ साल में कितनी बार समीक्षा हुई? क्या मजदूरों के हित में कोई फैसला लिया गया?

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