वॉशिंगटन: अमेरिकी ट्रंप प्रशासन ने वेनेजुएला का राष्ट्रपति ही बदल दिया है। राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस को गिरफ्तार करने के बाद अब उप राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिग्ज को अंतरिम राष्ट्रपति बनाया गया है। वेनेजुएला के सुप्रीम कोर्ट ने डेल्सी से कार्यभार संभालने के लिए कहा है।
वहीं, राष्ट्रपति मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया को 04 जनवरी की आधी रात अमेरिका लाया गया। अमेरिकी सेना का विमान न्यूयॉर्क के स्टुअर्ट एयर नेशनल गार्ड बेस पर उतरा। कड़ी सुरक्षा के बीच मादुरो को प्लेन से उतारा गया। वे नीले रंग की जैकेट में थे, उनके हाथों में हथकड़ी थी। इस दौरान वे लंगड़ाते हुए दिखे।

मादुरो और सिलिया को डिटेंशन में रखा गया
न्यूयॉर्क लाने के बाद मादुरो और उनकी पत्नी को बेस पर बने हैंगर में रखा गया, जहां उनकी मेडिकल जांच की गई। इसके बाद मादुरो को न्यूयॉर्क सिटी के मैनहैटन ले जाया गया, जहां की कानूनी कार्यवाही की गई। कानूनी कार्यवाही के बाद में मादुरो को ब्रुकलिन के मेट्रोपॉलिटन डिटेंशन सेंटर में रखा जाएगा।
अगले हफ्ते मैनहैटन की फेडरल कोर्ट में उन पर ड्रग्स और हथियार तस्करी से जुड़े मामलों में मुकदमा चलाया जाएगा। अमेरिकी सैनिकों ने 02 जनवरी की रात वेनेजुएला पर हमला कर राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सीलिया फ्लोरेस को अगवा कर लिया था।

नाटो के पूर्व चीफ बोले- वेनेजुएला पर कंट्रोल करना बहुत मुश्किल होगा
नाटो के एक पूर्व चीफ ने CNN से बातचीत में कहा कि वेनेजुएला में बढ़ती दुश्मनी अमेरिका के लिए खतरा पैदा कर सकता है। खासकर तब जब वह अपनी सेना के जरिए वहां से तेल हासिल करने की कोशिश करेगा।
रिटायर्ड जनरल वेस्ली क्लार्क ने कहा, पहले भी ऐसा देखा गया है कि जब कोई बड़ी ताकत सिर्फ संसाधन लूटने के लिए किसी देश में घुसती है, तो वहां के लोग इसे पसंद नहीं करते। भले ही राष्ट्रपति यह दावा करें कि ये संसाधन अमेरिकी हैं, अमेरिका ने पहले निवेश किया था और बाद में उनका राष्ट्रीयकरण कर लिया गया था। उन्होंने कहा कि अगर कोई देश दुश्मन बन जाए, तो वहां के तेल पर सिर्फ कब्जा बनाए रखना आसान नहीं होता।
अमेरिकी रक्षामंत्री बोले– वेनेजुएला पर हमला इराक से उलट
अमेरिका के रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने कहा है कि वेनेजुएला पर हमला, इराक पर हमले के बिल्कुल उलट है। उन्होंने CBS न्यूज से बातचीत में कहा कि अमेरिका ने दशकों तक इराक में समय दिया, पैसा और खून बहाया। इसके बदले में अमेरिका को कुछ नहीं मिला, लेकिन इस बार ट्रम्प ने कहानी को पलट दिया है।
हेगसेथ ने कहा कि अमेरिका को वेनेजुएला पर लिए एक्शन के बाद उसके संसाधनों तक पहुंच हासिल होगी। उन्होंने कहा कि इससे किसी देश को अपने संसाधनों का इस्तेमाल करने में मदद मिल सकती है, वह भी बिना अमेरिकी सैनिकों का खून बहाए।
ट्रंप के पहले कार्यकाल में ही मादुरो को हटाने का प्लान बना था
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जॉन बोल्टन ने कहा है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पहले कार्यकाल के दौरान वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को हटाने की योजना बनाई गई थी, लेकिन इसे आगे नहीं बढ़ाया जा सका। बोल्टन ने बताया कि ट्रंप उस समय वेनेजुएला के तेल में काफी दिलचस्पी ले रहे थे। उनकी टीम ट्रम्प को मादुरो को हटाने के विचार के लिए तो राजी कर पाई, लेकिन लंबे समय तक उन्हें इस पर ध्यान फोकस्ड नहीं रख सकी।
जॉन बोल्टन ने यह भी कहा कि उस समय वेनेजुएला का विपक्ष मानता था कि सिर्फ आर्थिक दबाव डालकर ही मादुरो की सरकार को कमजोर किया जा सकता है। ट्रंप के दूसरे कार्यकाल में विदेश मंत्री और कार्यवाहक राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार मार्को रुबियो इस मुद्दे पर ट्रंप को कार्रवाई के लिए मनाने में सफल रहे।
मादुरो को अमेरिका की सबसे बदनाम जेल में रखा जाएगा
वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को न्यूयॉर्क सिटी की मेट्रोपॉलिटन डिटेंशन सेंटर (MDC) जेल में शिफ्ट किया गया है। अब तक लग्जरी जिंदगी जी रहे मादुरो के लिए यह जेल बिल्कुल उलटा माहौल लेकर आने वाली है। MDC को अमेरिका की सबसे खराब जेलों में गिना जाता है। कई लोग जेल की हालत को बेहद गंदा और डरावना बता चुके हैं। जेल में स्टाफ की भारी कमी रहती है। कैदियों के बीच हिंसा आम है और बिजली गुल होना भी बड़ी समस्या रही है।

यह जेल सन् 1990 के दशक में जेलों की भीड़ कम करने के लिए बनाई गई थी। यहां पहले भी कई हाई-प्रोफाइल कैदी रखे जा चुके हैं, जिनमें गायक आर. केली, दवा कारोबारी मार्टिन श्रेकली, घिसलेन मैक्सवेल, क्रिप्टो कारोबारी सैम बैंकमैन-फ्राइड और म्यूजिक मोगुल सीन ‘डिडी’ कॉम्ब्स शामिल हैं। इसके अलावा कुख्यात ड्रग कार्टेल लीडर इस्माइल ‘एल मायो’ जाम्बादा गार्सिया को भी यहीं रखा गया था।
जेल में हिंसा का भी खतरा
जेल में हिंसा का खतरा लगातार बना रहता है। जून, 2024 में एक कैदी की चाकू मारकर हत्या कर दी गई थी, जबकि एक महीने बाद झगड़े में एक और कैदी की मौत हो गई। साल 2019 में जेल में बड़ा बिजली संकट भी हुआ था। करीब एक हफ्ते तक कैदियों को ठंड में अंधेरे में रहना पड़ा। शौचालय तक ठीक से काम नहीं कर रहे थे और कैदियों को कई दिनों तक सेल से बाहर नहीं निकलने दिया गया।
न्यूयॉर्क में वेनेजुएला पर हमले का विरोध
वेनेजुएला पर अमेरिकी हमले के विरोध में न्यूयॉर्क में लोगों ने प्रदर्शन किया।
NOW: Massive march in NYC against Trump's war on Venezuela pic.twitter.com/J5rE7zaKRz
— BreakThrough News (@BTnewsroom) January 3, 2026